इसके साथ ही इन लैब में जांच में समय भी कम लगेगा और लैब में काम करने वाले कर्मियों को भी संक्रमण वाले पदार्थों के ज्यादा संपर्क में नहीं रहना होगा। इन लैब में कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों की जांच भी की जा सकेगी। महामारी के दौर के बाद इन लैब में हेपेटाइटिस बी और सी, एचआईवी, माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस, साइटोमेगालोवायरस, क्लेमेडिया, नेसीरिया और डेंगी जैसी बीमारियों की जांच में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
'बंगाल, महाराष्ट्र और यूपी में मिलेगी कोरोना से जंग को ताकत'
इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, देश के करोड़ों नागरिक कोरोना वैश्विक महामारी से बहुत बहादुरी से लड़ रहे हैं। आज दिन अत्याधुनिक टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्धाटन हुआ है उससे पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में और ताकत मिलने वाली है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और कोलकाता, आर्थिक गतिविधियों के बड़े सेंटर हैं। अब इन तीनों जगह जांच की जो उपलब्ध क्षमता है, उसमें 10 हजार जांच की क्षमता और जुड़ने जा रही है।
'सही समय पर लिए फैसले, इसीलिए यहां स्थिति संभली है'
उन्होंने कहा कि देश में जिस तरह सही समय पर सही फैसले लिए गए, आज उसी का परिणाम है कि भारत अन्य देशों के मुकाबले, काफी संभली हुई स्थिति में है। आज हमारे देश में कोरोना से होने वाली मृत्यु बड़े-बड़े देशों के मुकाबले काफी कम है। उन्होंने कहा, कोरोना के खिलाफ इस लंबी लड़ाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण था कि देश में तेजी के साथ जरूरी हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो। इसी लिए केंद्र ने शुरू में ही 15 हजार करोड़ रुपए के पैकेज का एलान कर दिया था।
'भारत ने तेज गति से किया है अपनी क्षमताओं का विस्तार'
प्रधानमंत्री ने कहा कि आइसोलेशन सेंटर हों, कोविड स्पेशल हॉस्पिटल हो या टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रैकिंग से जुड़ा नेटवर्क हो, भारत ने तेज गति से अपनी क्षमताओं का विस्तार किया। आज देश में 11 हजार से ज्यादा कोविड फैसिलिटी हैं और 11 लाख से ज्यादा आइसोलेशन बेड हैं। जनवरी में हमारे पास कोरोना जांच का मात्र एक सेंटर था, आज करीब 1300 लैब में काम कर रही हैं। आज देश में पांच लाख से ज्यादा टेस्ट रोज हो रहे हैं, जिसे 10 लाख करने की कोशिश की जा रही है।
बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मौजूद
इन लैब के उद्धाटन के डिजिटल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन समेत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक ये लैब देश में कोरोना जांच की रफ्तार तेज करेंगी। इससे समय पर इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी और इस तरह संक्रमण फैलने से रोका जा सकेगा।