प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र में 511 प्रमोद महाजन ग्रामीण कौशल विकास केंद्रों का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के गांवों में शुरू होने जा रहे केंद्र युवाओं को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करेंगे। ये केंद्र निर्माण सेक्टर और आधुनिक तकनीक के माध्यम से खेती के बारे में कौशल से संबंधित चीजें सिखाएंगे। महाराष्ट्र में मीडिया और मनोरंजन का काम बहुत बड़ा है। इनके लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी स्किल्ड प्रोफेशनल को तैयार कर रहा है। जो नए कौशल विकास केंद्र महाराष्ट्र के गांवों में खुलने जा रहे हैं, ये सभी युवाओं को दुनियाभर के अवसरों के लिए तैयार करेंगे। इन केंद्रों में कंस्ट्रक्शन से जुड़े कौशल सिखाए जाएंगे। महाराष्ट्र में मीडिया और एंटरटेनमेंट के काम के लिए भी केंद्र स्थापित होंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया में स्किल्ड युवाओं की मांग बढ़ रही है। बहुत से ऐसे देश हैं जहां बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है और प्रशिक्षित युवा मुश्किल से मिल रहे हैं। सर्वे बताते हैं कि दुनिया के 16 देश करीब 40 लाख प्रशिक्षित युवाओं को अपने यहां नौकरी देना चाहते हैं।
पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि अतीत में कौशल्य विकास को गंभीरता से नहीं लिया गया और न ही वैसी दूरदृष्टि थी, जिसका नुकसान युवाओं को उठाना पड़ा। ये मेरी सरकार है, जिसने कौशल विकास के प्रशिक्षण की गंभीरता को समझा। इसके लिए न केवल अलग मंत्रालय बनाया, बल्कि बजट भी निर्धारित किया और योजनाएं भी बनाई। भारत सरकार की कौशल विकास योजनाओं का सर्वाधिक लाभ गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े परिवारों को हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना भी शुरू की है। इसके तहत प्रशिक्षण से लेकर आधुनिक उपकरण और हर स्तर पर आर्थिक सहायता भी दे रही है।