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PM मोदी बोले: रिफॉर्म एक्सप्रेस ने बड़ी प्रगति की, पर मैं स्वभाव से पूरी तरह संतुष्ट होने वालों में नहीं

Sun, 15 Feb 2026 07:25 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए निजी क्षेत्र की अहम भूमिका पर जोर दिया। साथ ही एआई और डाटा सेंटर्स के लिए भारत को केंद्र बनाने की भी बात कही। 
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प्रधानमंत्री मोदी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र के पहले चरण के बाद अपने पहले इंटरव्यू में कई अहम बदलावों पर बात की है। पीएम ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा सरकार ने सुधार को लेकर जो प्रतिबद्धता जताई थी, वह हमने अपने शब्दों और कार्यों के जरिए दर्शाया है। पीएम ने निजी सेक्टर के महत्व को भारत की विकास यात्रा का एक अहम साथी करार दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का अगला चरण इस बात पर निर्भर होगा कि निजी सेक्टर उन्नयन, लंबी अवधि की क्षमताएं पैदा करने और वैश्विक प्रतियोगिता में कितना बेहतर ढंग से निवेश करता है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस ने बड़े स्तर पर प्रगति की है, लेकिन मेरा स्वभाव पूरी तरह संतुष्ट होने वालों में से नहीं है। 
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निजी क्षेत्र पर क्या बोले पीएम मोदी?
पीएम मोदी ने कहा कि आर्थिक परिवर्तन के अगले चरण के लिए निजी क्षेत्र की भूमिका निर्णायक है और उन्होंने उनसे एक सशक्त प्रतिक्रिया की अपील की है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को केवल अपने मुनाफे को बचाने पर कम ध्यान देना चाहिए और इसके बजाय अनुसंधान एवं विकास (रिसर्च एंड डेवलपमेंट), सप्लाई चेन और गुणवत्ता पर आक्रामक रूप से निवेश करना चाहिए। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की ओर अगला कदम इस बात पर निर्भर होगा कि निजी क्षेत्र नवाचार, दीर्घकालिक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कितना साहसिक निवेश पर करता है। पीएम ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे उत्पादकता बढ़ती है, निजी क्षेत्र के मालिकों को अपने लाभ को श्रमिकों के साथ उचित तरह से साझा करना चाहिए।

भारत में एआई और डाटा सेंटर के भविष्य पर क्या बोले पीएम?
पीएम मोदी के मुताबिक, "भारत कंप्यूटिंग पावर और डाटा सेंटर बुनियादी ढांचे की क्षमता का विस्तार करके एक समृद्ध एआई (कृत्रिम बुद्धिमता) इकोसिस्टम की नींव रख रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "डाटा सेंटर हमारे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने वाले साबित होंगे; हम पूरी दुनिया के डेटा को भारत में रखने के लिए आमंत्रित करते हैं।"

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यूपीआई जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लेनदेन के तरीके में आए मौलिक सुधारों ने भारत को दुनिया में एक डिजिटल लीडर बना दिया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 'विकसित भारत' की ओर अगला कदम नवाचार, दीर्घकालिक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में निजी क्षेत्र द्वारा किए गए साहसिक निवेश पर निर्भर करेगा।

विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका पर क्या बोले पीएम?
पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि महिलाओं का कल्याण उनकी सरकार द्वारा लिए गए हर निर्णय का मार्गदर्शन करता है। उनका यह दृढ़ विश्वास है कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाएं सबसे अहम भूमिका निभाएंगी।

पीएम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना जैसी योजनाओं ने महिलाओं की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को केंद्र में रखा है।

महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए गए हैं कई कदम
गौरतलब है कि मौजूदा बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ठोस प्रावधान किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नए वित्तीय मॉडल के तहत समुदाय स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स स्थापित किए जाएंगे, जिससे महिलाएं मूल्य श्रृंखला में ऊंची स्थिति हासिल करेंगी और पूंजी व बाजार पहुंच की बाधाएं दूर होंगी। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करोड़ों महिलाएं मुद्रा योजना और लाखपति दीदी कार्यक्रम से आत्मनिर्भर बनी हैं तथा उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।

खादी, गांव उद्योग, हथकरघा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना के तहत प्रशिक्षण, कौशल विकास, गुणवत्ता सुधार और बाजार पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम विभिन्न योजनाओं को एकीकृत कर अधिक केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएगा।
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विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महिलाओं का नेतृत्व बढ़ाने के लिए हर जिले में लड़कियों के लिए एसटीईएम हॉस्टल स्थापित किए जाएंगे। इससे दूरदराज के क्षेत्रों की प्रतिभाशाली लड़कियां सुरक्षित आवास और आवागमन की समस्या से मुक्त होकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगी और नवाचार में योगदान दे सकेंगी।
केयर इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए अगले वर्ष डेढ़ लाख केयरगिवर्स का प्रशिक्षण शुरू होगा और पांच वर्षों में एक लाख सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवर तैयार किए जाएंगे। इससे महिलाओं को सम्मानजनक और प्रमाणित रोजगार मिलेगा तथा स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी।

एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और डिजिटल सामग्री जैसे उभरते क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। व्यापार समझौतों में भी महिलाओं की भूमिका जुड़ी हुई है, क्योंकि एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बहुत अधिक है और ये समझौते उन्हें वैश्विक बाजार में स्थायी स्थान दिलाएंगे। रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा और डेटा सेंटर जैसे सनराइज सेक्टर्स पर जोर से युवाओं, महिलाओं और एमएसएमई को नए अवसर मिलेंगे।

कुल मिलाकर यह साक्षात्कार विकसित भारत के संकल्प का दर्पण है, जिसमें महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति हैं। शिक्षा, उद्यमिता, कौशल और रोजगार के माध्यम से महिलाओं में निवेश से देश की प्रगति की रफ्तार और तेज होगी।


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