प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की ओर अगला कदम इस बात पर निर्भर होगा कि निजी क्षेत्र नवाचार, दीर्घकालिक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कितना साहसिक निवेश पर करता है। पीएम ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे उत्पादकता बढ़ती है, निजी क्षेत्र के मालिकों को अपने लाभ को श्रमिकों के साथ उचित तरह से साझा करना चाहिए।
भारत में एआई और डाटा सेंटर के भविष्य पर क्या बोले पीएम?
पीएम मोदी के मुताबिक, "भारत कंप्यूटिंग पावर और डाटा सेंटर बुनियादी ढांचे की क्षमता का विस्तार करके एक समृद्ध एआई (कृत्रिम बुद्धिमता) इकोसिस्टम की नींव रख रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "डाटा सेंटर हमारे युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने वाले साबित होंगे; हम पूरी दुनिया के डेटा को भारत में रखने के लिए आमंत्रित करते हैं।"
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यूपीआई जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लेनदेन के तरीके में आए मौलिक सुधारों ने भारत को दुनिया में एक डिजिटल लीडर बना दिया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 'विकसित भारत' की ओर अगला कदम नवाचार, दीर्घकालिक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में निजी क्षेत्र द्वारा किए गए साहसिक निवेश पर निर्भर करेगा।
विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका पर क्या बोले पीएम?
पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि महिलाओं का कल्याण उनकी सरकार द्वारा लिए गए हर निर्णय का मार्गदर्शन करता है। उनका यह दृढ़ विश्वास है कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाएं सबसे अहम भूमिका निभाएंगी।
पीएम ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना जैसी योजनाओं ने महिलाओं की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को केंद्र में रखा है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महिलाओं का नेतृत्व बढ़ाने के लिए हर जिले में लड़कियों के लिए एसटीईएम हॉस्टल स्थापित किए जाएंगे। इससे दूरदराज के क्षेत्रों की प्रतिभाशाली लड़कियां सुरक्षित आवास और आवागमन की समस्या से मुक्त होकर उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकेंगी और नवाचार में योगदान दे सकेंगी।
केयर इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए अगले वर्ष डेढ़ लाख केयरगिवर्स का प्रशिक्षण शुरू होगा और पांच वर्षों में एक लाख सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवर तैयार किए जाएंगे। इससे महिलाओं को सम्मानजनक और प्रमाणित रोजगार मिलेगा तथा स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी।
एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और डिजिटल सामग्री जैसे उभरते क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। व्यापार समझौतों में भी महिलाओं की भूमिका जुड़ी हुई है, क्योंकि एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बहुत अधिक है और ये समझौते उन्हें वैश्विक बाजार में स्थायी स्थान दिलाएंगे। रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा और डेटा सेंटर जैसे सनराइज सेक्टर्स पर जोर से युवाओं, महिलाओं और एमएसएमई को नए अवसर मिलेंगे।
कुल मिलाकर यह साक्षात्कार विकसित भारत के संकल्प का दर्पण है, जिसमें महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति हैं। शिक्षा, उद्यमिता, कौशल और रोजगार के माध्यम से महिलाओं में निवेश से देश की प्रगति की रफ्तार और तेज होगी।
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