प्रधानमंत्री ने कहा, भारत ने आत्मविश्वास के साथ दुनिया को दिखाया है कि कैसे एक संकट को अवसरों में बदल दिया जाता है। 100 साल में सबसे बड़े संकट के समय भारत ने जो क्षमता दिखाई, उसका अध्ययन करके मानवता 100 साल बाद खुद पर गर्व करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में जब दुनिया कभी कोरोना से, कभी युद्ध से और कभी प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों से पीड़ित थी, भारत और भारतीयों ने अभूतपूर्व शक्ति का प्रदर्शन किया। भारत ने दुनिया को 'एंटी-फ्रेजाइल' का असली अर्थ बताया है।
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मोदी ने कहा, यहां के अधिकांश ओपिनियन मेकर हर छह महीने में एक ही प्रोडक्ट के 'रिलॉन्च' और 'रि-रीलॉन्च' में व्यस्त रहते हैं और इस 'रिलॉन्च' में भी वे 'रि-इमेजीन' नहीं करते। पीएम मोदी ने आगे कहा, भारत ने आत्मविश्वास के साथ दुनिया को दिखाया है कि कैसे एक संकट को अवसरों में बदल दिया जाता है। 100 साल में सबसे बड़े संकट के समय भारत ने जो क्षमता दिखाई, उसका अध्ययन करके मानवता 100 साल बाद खुद पर गर्व करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा, बांध बनाए गए थे, लेकिन नहर नेटवर्क नहीं बनाया गया था। यह एक बहुमंजिला इमारत के निर्माण की तरह है जिसमें कोई लिफ्ट या सीढ़ी ही नहीं है। हमारे पास खदानें थीं, लेकिन परिवहन के लिए कोई कनेक्टिविटी नहीं थी। हमारे पास बंदरगाह थे, लेकिन रेलवे और सड़कों के साथ बहुत सारी समस्याएं थीं। उन्होंने दावा किया, 2014 तक एक महीने में सिर्फ आधा किलोमीटर ही बन पा रहा था। 2014 के बाद एक महीने में औसतन छह किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क बिछाया गया।
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उन्होंने कहा, हमारे देश में केवल 30 मिलियन (तीन करोड़) ग्रामीण परिवारों के पास नल के पानी के कनेक्शन थे, जिसका अर्थ है कि 160 मिलियन (16 करोड़) परिवार इससे वंचित थे। बड़े-बड़े दावे करने के बजाय, हमने केवल 3.5 वर्षों में 80 मिलियन (8 करोड़) नए नल कनेक्शन दिए। यह वही कर सकता है जो रि-इमेजीन करता है।