राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
58 सांसदों का कार्यकाल पूरा होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उच्च सदन राज्यसभा में विदाई भाषण दिया। इस मौके पर उन्होंने सांसदों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सदन के दरवाजे बंद होने से परिसर के दरवाजे बंद नहीं होते। आप अपने सुझाव लेकर हमारे पास आ सकते हैं। आपको सुनने के लिए हम तैयार हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन सांसदों की उत्तम सेवाओं और योगदान के लिए शुभकामनाएं हैं, जिनका कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सचिन जी और दिलीप जी का लाभ आने वाले दिनों में हमें नहीं मिल सकेगा। इन दोनों महानुभावों पर भारत को गर्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सदन कुरियन साहब की हंसी को याद करेगा।
इस मौके पर पीएम मोदी ने इशारों-इशारों विपक्ष पर कटाक्ष भी किया। हंगामे की वजह से लगातार सदन की कार्यवाही बाधित होने पर पीएम ने कहा कि आप जैसे महत्वपूर्ण सांसद इस सदन में अपनी बात नहीं रख सके। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ सदन का अपना एक महत्व होता है। हर सांसद का योगदान है। आप सभी एक महत्वपूर्ण निर्णय प्रक्रिया से वंचित रह गए, इसका मलाल हमेशा रहेगा। अच्छा होता हम आपकी मौजूदगी में तीन तलाक जैसे महत्वपूर्ण कानून पर फैसला ले पाते।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कहा कि अगर सदन ठीक से चलता तो सांसदों को जाते-जाते कुछ बेहतर छोड़कर जाने का मौका मिल गया होता लेकिन इससे आप लोग वंचित रह गए। इसके लिए विपक्ष ही नहीं दोनों तरफ के सदस्य जिम्मेदार है। सभापति और संसदीय कार्य राज्यमंत्री की कड़ी मेहनत से यह चर्चा मुमकिन हो पाई है।