पीएम ने सूरत अग्निकांड पर दुख जताते हुए कहा, ‘मैं दुविधा में था कि क्या मुझे यहां आना चाहिए या नहीं। एक तरफ कर्तव्य था और दूसरी तरफ करुणा की भावना। हादसे में कई परिवारों की उम्मीदें चकनाचूर हो गईं। परिवारों ने अपने चिराग खो दिए। उनके अरमान खाक हो गए। भगवान पीड़ित परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।’ इसस पहले, हादसे को देखते हुए भाजपा ने जीत का जश्न नहीं मनाने का फैसला किया था।
भाजपा अध्यक्ष ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की 26 सीटें जीतने के बाद नरेंद्र भाई यहां आए हैं। कृपया जोर से उनका स्वागत करें ताकि आपकी आवाज पश्चिम बंगाल तक पहुंच जाए। नरेंद्र भाई ने गुजरात से विकास की यात्रा शुरू की और अब इसे पूरे देश तक पहुंचा दिया है। भाजपा अध्यक्ष होने के नाते मैं सभी सीटें जिताने के लिए गुजरात की जनता को धन्यवाद देता हूं।