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पीएम से मिले जगनमोहन रेड्डी, कहा- भाजपा 250 तक सिमटती तो इस शर्त पर देते समर्थन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 26 May 2019 08:33 PM IST
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जगन मोहन रेड्डी और पीएम मोदी - फोटो : ANI

वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगनमोहन रेड्डी ने रविवार को दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत हासिल करने के लिए बधाई दी। वहीं पीएम ने भी रेड्डी को जीत के लिए बधाई दी। 

रेड्डी के साथ वी विजयासाई रेड्डी और पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार रेड्डी ने पीएम के साथ बैठक में राज्य को विशेष दर्जा, वहां की आर्थिक स्थिति और केंद्र से फंड को लेकर बातचीत की है। रेड्डी 30 मई को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को न्योता दिया है। 



रेड्डी ने इस बैठक के बाद कहा, "अगर भाजपा महज 250 सीट के साथ जीतती तो हम आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे पर हस्ताक्षर करवाकर उसे समर्थन देते, लेकिन अब स्थिति अलग है। उन्हें हमारी सहायता की जरूरत नहीं है। जो हम कर सकते थे हमने वही किया और अपनी स्थिति बता दी।"

उन्होंने कहा कि आज उनकी प्रधानमंत्री के साथ पहली बैठक थी। वह इन पांच सालों के दौरान 30, 40 और 50 बार उनसे मिलने की इच्छा रखते हैं। और हमेशा राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग को उठाते रहेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेड्डी ने प्रधानमंत्री को ये भी बताया है कि राज्य के लिए विशेष राज्य का दर्जा मिलना क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा है कि केंद्र के समर्थन के बिना आंध्र आगे नहीं बढ़ सकता है। उन्होंने राज्य में अभी चल रहे और आगे आने वाले निर्माण कार्यों में आर्थिक सहायता के लिए समर्थन की मांग की है। 

सूत्रों के अनुसार प्रधानंमत्री ने रेड्डी के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और वादा किया है कि वह इन मुद्दों पर गौर करेंगे। प्रधानंमत्री ने आश्वासन दिया है कि विकास को लेकर केंद्र हमेशा राज्यों के साथ है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद रेड्डी आंध्र भवन में अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं।
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बता दें रेड्डी की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 175 में से 151 सीट हासिल की हैं। अगले हफ्ते वह आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके विपक्षी नेता और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को महज 23 सीट ही मिल पाई हैं।

अगर लोकसभा सीट की बात करें तो 25 में से 22 वाईएसआर के खाते में आई हैं, वहीं टीडीपी को केवल तीन सीट मिली हैं। रेड्डी का कहना है कि 50 फीसदी वोट हासिल करना भी कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है। 

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जगन मोहन रेड्डी और पीएम मोदी - फोटो : ANI
वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगनमोहन रेड्डी ने रविवार को दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत हासिल करने के लिए बधाई दी। वहीं पीएम ने भी रेड्डी को जीत के लिए बधाई दी। 

रेड्डी के साथ वी विजयासाई रेड्डी और पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार रेड्डी ने पीएम के साथ बैठक में राज्य को विशेष दर्जा, वहां की आर्थिक स्थिति और केंद्र से फंड को लेकर बातचीत की है। रेड्डी 30 मई को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को न्योता दिया है। 

रेड्डी ने इस बैठक के बाद कहा, "अगर भाजपा महज 250 सीट के साथ जीतती तो हम आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे पर हस्ताक्षर करवाकर उसे समर्थन देते, लेकिन अब स्थिति अलग है। उन्हें हमारी सहायता की जरूरत नहीं है। जो हम कर सकते थे हमने वही किया और अपनी स्थिति बता दी।"

उन्होंने कहा कि आज उनकी प्रधानमंत्री के साथ पहली बैठक थी। वह इन पांच सालों के दौरान 30, 40 और 50 बार उनसे मिलने की इच्छा रखते हैं। और हमेशा राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग को उठाते रहेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेड्डी ने प्रधानमंत्री को ये भी बताया है कि राज्य के लिए विशेष राज्य का दर्जा मिलना क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा है कि केंद्र के समर्थन के बिना आंध्र आगे नहीं बढ़ सकता है। उन्होंने राज्य में अभी चल रहे और आगे आने वाले निर्माण कार्यों में आर्थिक सहायता के लिए समर्थन की मांग की है। 

सूत्रों के अनुसार प्रधानंमत्री ने रेड्डी के अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और वादा किया है कि वह इन मुद्दों पर गौर करेंगे। प्रधानंमत्री ने आश्वासन दिया है कि विकास को लेकर केंद्र हमेशा राज्यों के साथ है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद रेड्डी आंध्र भवन में अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात कर सकते हैं।
 



बता दें रेड्डी की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 175 में से 151 सीट हासिल की हैं। अगले हफ्ते वह आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके विपक्षी नेता और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को महज 23 सीट ही मिल पाई हैं।

अगर लोकसभा सीट की बात करें तो 25 में से 22 वाईएसआर के खाते में आई हैं, वहीं टीडीपी को केवल तीन सीट मिली हैं। रेड्डी का कहना है कि 50 फीसदी वोट हासिल करना भी कोई सामान्य उपलब्धि नहीं है। 

पार्टी के नेताओं सहित पीएम से मिले रेड्डी - फोटो : ANI

क्यों जरूरी है विशेष राज्य का दर्जा?

आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग ना केवल वहां की जनता बल्कि राजनीतिक पार्टियां भी करती आ रही हैं। चाहे फिर 2014 में भाजपा और टीडीपी का गठबंधन हो या फिर 2019 में रेड्डी द्वारा गठबंधन की बात करना। दोनों ही पार्टियों की गठबंधन के लिए मुख्य शर्त राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग ही रही है। इन पार्टियों का कहना है कि अगर आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता है, तो इससे उन्हें केंद्र की ओर से अधिक फंड मिलेगा। जिसका इस्तेमाल राजधानी के विकास के अलावा अन्य विकास योजनाओं में भी किया जा सकेगा।

कैसे बने लोगों के चहेते?

जगन मोहन रेड्डी ने जनता के लिए 'प्रजा दरबार' जैसी नई शुरुआत की थी। जहां उन्होंने किसानों, छात्रों और ग्रामीणों की परेशानियों को सुना। जिसके कारण वह जनता से जुड़े, जनता चुनाव होने से पहले ही उन्हें अपना मुख्यमंत्री मानने लगी।

राजनीति में दस्तक के कुछ ही महीनों बाद जगनमोहन ने अपने पिता को खो दिया था। इसके बाद कांग्रेस पार्टी के साथ उनका टकराव भी हुआ। 2009 में 15वीं लोकसभा से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले जगनमोहन का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। 

29 नवंबर 2010 को उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सात दिसंबर 2010 को उन्होंने घोषणा की कि वह 45 दिनों में अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी का नाम वाईएसआर कांग्रेस होगा। वाईएसआर का मतलब वाईएस राजशेखर रेड्डी से नहीं था। इसका मतलब युवजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी है।





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