'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साल 2018 के सियोल शांति पुरस्कार से नवाजा जाएगा। उन्हें यह पुरस्कार भारत और दुनिया में 'मोदीनॉमिक्स' के जरिए उच्च आर्थिक विकास में योगदान, विश्व शांति में योगदान, मानव विकास में सुधार और भारत में लोकतंत्र को आगे बढ़ाने के लिए दिया जाएगा।
दक्षिण कोरिया के सियोल शांति पुरस्कार सांस्कृतिक फाउंडेशन ने बुधवार को पीएम मोदी को यह सम्मान देने का एलान किया है। इस फाउंडेशन के अध्यक्ष नॉन ई-ह्यॉक हैं।
इस पुरस्कार के लिए दुनियाभर के कुल 100 लोगों का चयन किया गया था, जिसमें कई देशों के राष्ट्रपति, नेता, कारोबारी, पत्रकार, एथलीट्स, धार्मिक नेता आदि शामिल थे। लेकिन पीएम मोदी ने इस सबको पछाड़कर यह पुरस्कार जीत लिया। वो यह पुरस्कार पाने वाले 14वें व्यक्ति होंगे।
पीएम मोदी से पहले यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र के महासचिव रहे कोफी अन्नान, मौजूदा सचिव बान की मून, नोबेल शांति पुरस्तार विजेता डेनिस मुक्वेग और ओलंपिक समिति के अध्यक्ष जुआन अंटोनियो जैसे लोग पा चुके हैं।
शांति पुरस्कार से जुड़ी चयन समिति के अध्यक्ष चो चुंग ने पीएम मोदी को इस पुरस्कार के लिए 'बेहतरीन उम्मीदवार' बताया। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा शुरू किए अभियानों की जमकर सराहना की, जिसमें नोटबंदी भी शामिल है।
बता दें कि पीएम मोदी को हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। दिल्ली में एक विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने पीएम मोदी को यह अवॉर्ड दिया था।