लोकपाल और लोकायुक्त कानून की अनदेखी पर समाजसेवी अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा, आपने (पीएम मोदी) सत्ता के लिए सत्य को छोड़ दिया है। आपकी सरकार जनता के साथ धोखाधड़ी कर रही है। इसलिए वह रालेगण सिद्धि में 30 जनवरी से अनशन करेंगे।
अन्ना ने लिखा, 'मोदी के सत्ता में आने से लगा देश को समाज सेवा करने वाला पीएम मिल गया। लेकिन पांच साल पूरे होने को आए लेकिन इसके बाद भी लोकायुक्त लोकपाल बिल को लेकर सरकार उदासीन है। उसका रवैया ढुलमुल है। इसलिए अब से मैं मोदी सरकार को यह याद दिलाता रहूंगा कि उसने कहां-कहां सत्य छोड़ा है।' उन्होंने लिखा है लोकपाल लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण कानून पर अमल न करके सरकार ने बार-बार झूठ बोला है, जिसे वह सहन नहीं कर पा रहे हैं।
सांविधानिक संस्था के निर्णय का पालन नहीं
अन्ना का कहना है कि स्वयं प्रधानमंत्री और उनकी सरकार सांविधानिक संस्थाओं के निर्णय का पालन नहीं कर रही है। इसे देख उन्हें लग रहा है देश के लोकतंत्र को बड़ा खतरा है। नेता विपक्ष है नहीं, कानूनविद् के नाम पर भी महज खानापूर्ति है। लोकपाल नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बावजूद सरकार की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। अन्ना ने नसीहत दी है कि जो सरकार सत्य को छोड़कर चलती है, जनता उसे आदर्श कैसे मानेगी।