जानकारी के मुताबिक, बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि टीवी समाचार चैनल और एफएम रेडियो दैनिक मौसम के पूर्वानुमान को समझाने के लिए रोजाना कुछ मिनट दे सकते हैं। पीएम मोदी ने सभी अस्पतालों के विस्तृत फायर ऑडिट की आवश्यकता पर बल दिया। उन्हें गर्मी से संबंधित आपदाओं की तैयारी के लिए देशभर में चल रहे विभिन्न प्रयासों और शमन उपायों के बारे में भी अपडेट किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गर्म मौसम के लिए प्रोटोकॉल और क्या करें-क्या न करें को आसान भाषा में तैयार किया जाना चाहिए। इसके प्रचार के जिंगल्स, फिल्म, पैम्फलेट आदि का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने सभी अस्पतालों के आग लगने से बचाव संबंधी उपायों की विस्तृत ऑडिट की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अग्निशमन विभाग की ओर से सभी अस्पतालों में मॉक फायर ड्रिल किया जाना चाहिए।
पीएमओ ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम को प्रतिकूल मौसम की स्थिति में अनाज के भंडारण को सुनिश्चित करने के लिए तैयार करने के लिए कहा गया। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव और एनडीएमए के सदस्य सचिव ने भाग लिया।