प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार के हाजीपुर में दीघा-सोनपुर रेल पुल का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, रेल मंत्री सुरेश प्रभु समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि अगर पिछले 10 सालों में इसकी उपेक्षा न की होती तो शायद 5-7 साल पहले ही ये काम पूरा हो गया होता।
मोदी ने कहा कि इस पुल के निर्माण में हुई देरी की वजह से जो पुल महज 600 करोड़ रुपए में बनना था वह 3,000 करोड़ में बना। उन्होंने कहा कि बिहार का विकास सरकार की पहली प्राथमिकता है क्योंकि बिहार के विकास से ही भारत का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही हैं । विकास का रास्ता सड़क और रेल से होकर ही जाता है और इसलिए बिहार में भी इनका तेजी से विकास किया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने ट्रेन में लगाए जाने वाले 'दीन दयालु डिब्बों' का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे तीन चार डिब्बे हर ट्रेन में लगाए जाएंगे जिसमें बैठकर आपको जहां जाना है वहां चले जाइए। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह जनरल डिब्बों से कितना अलग होगा? मोदी ने कहा कि हमारे देश में रेल बहुत पुरानी है, अगर हम उसे पुरानी रहने देंगे तो वो बोझ बन जाएगी।