बुजुर्ग तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती का कहना है कि केदारनाथ यात्रा में गरुड़चट्टी का विशेष धार्मिक महत्व है। यह स्थान आध्यात्म व ध्यान साधना के लिए विश्व प्रसिद्ध है। मन की शांति के लिए दशकों से सैकड़ों साधु-संत यहां पहुंचते रहे हैं।
बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई अवसर पर इस बात का उल्लेख कर चुके हैं कि वे वर्ष 1985 से 1990 के पांच साल के दौरान गरुड़चट्टी में एक संन्यासी की तरह रहे थे। तब वे रोज यहां से केदारनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन और जलाभिषेक करते थे। बीते वर्ष 3 मई और 20 अक्तूबर को भी केदारनाथ पहुंचने पर पीएम मोदी ने यहां बिताए दिनों को याद किया था।
उन्होंने इस स्थान तक पहुंच मार्ग बनाने के साथ इसे विकसित करने के लिए अधिकारियों से कहा था। मुख्य सचिव उत्पल कुमार के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा लोनिवि की मदद से मार्ग बनाने को सर्वे किया गया था।