प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति डोरिस लॉएटहार्ड के बीच दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी। दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पीएम मोदी और लॉएटहार्ड के बीच कई अनुबंधों का आदान-प्रदान हुआ। इस मौके पर मीडिया से बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि हम अपनी आजादी के 70 सालों के साथ ही अपनी दोस्ती के 70 सालों को भी मना रहे हैं।
इस समझौते के तहत कालेधन पर स्विट्जरलैंड मदद देने के लिए तैयार हो गया है। स्विट्जरलैंड और भारत के बीच सूचनाओं के ऑटोमेटिक एक्सचेंज पर समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत 2019 से पहले कालेधन, विदेश में जमा पैसा और स्विट्जरलैंड में प्रॉपर्टी की खरीददारी से जुड़ी सूचनाओें की अदला बदली शुरू हो जाएगी।
#Delhi: Exchange of agreements take place ahead of joint statement by PM Modi and President of the Swiss Confederation Doris Leuthard pic.twitter.com/fReWt1c3cF
— ANI (@ANI) August 31, 2017
पीएम ने कहा कि विश्व के सभी देश के सामने जलवायू परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती है और सारे देश मिलकर इसका सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एफडीआई हमारे आर्थिक रिश्तों का आधार है और भारत स्विस निवेशकों का स्वागत करता है। पीएम ने कहा कि मुझे खुशी है कि स्विट्जरलैंड ने आयुर्वेद को पहचाना और इस क्षेत्र में ज्यादा सहयोग देने की इच्छा जताई।
Climate change is a big challenge which is being faced by all countries: PM Modi pic.twitter.com/iATrDxP0nq
— ANI (@ANI) August 31, 2017
वहीं स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति लॉएटहार्ड ने कहा कि स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, क्लीन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और स्मार्ट सिटी जैसे प्रोग्राम में भारत के सहयोगी बन सकते हैं।
We can be a relevant & a reliable partner in programs like Skill India, Digital India,Clean India, Startup India & Smart cities: Swiss Pres pic.twitter.com/ohef4Du3PC
— ANI (@ANI) August 31, 2017
बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच कालेधन को लेकर बातचीत हुई है। बता दें कि यह स्विट्जरलैंड के किसी राष्ट्रपति की चौथी भारत यात्रा होगी। स्विस राष्ट्रपतियों ने इससे पहले 1998, 2003 और 2007 में भारत की यात्रा की है।