कर्नाटक विधानसभा चुनाव अप्रैल माह के अंत में होने की संभावना है। सूत्र बताते हैं कि 20 मार्च के आसपास केंद्रीय चुनाव आयोग कर्नाटक विधानसभा चुनाव का औपचारिक ऐलान करेगा। सूबे की विधानसभा में 224 सीटें हैं। भाजपा के लिए कर्नाटक दक्षिण भारत का ऐसा राज्य है जहां भाजपा की सरकार रही है।
वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की यहां हार उसकी अपनी करतूतों के वजह से हुई थी। बीएस येद्दियूरप्पा को मुख्यमंत्री के पद से हटाकर भाजपा ने सदानंद गौड़ा और जगदीश शेट्टार पर दांव लगाया था। मगर जनता ने इन्हें खारिज कर दिया। तब कांग्रेस की जीत के बाद सिद्दारमैया सूबे के मुख्यमंत्री बने। इस दफे भाजपा ने अपनी भूल सुधारते हुए दोबारा से बीएस येद्दियूरप्पा को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है।
सूबे के प्रभावशाली लिंगायत बिरादरी में उनकी मजबूत पैठ है। मगर देश के अन्य हिस्सों की तरह दक्षिण को भी कांग्रेस मुक्त बनाने की कवायद में भाजपा अकेले येद्दियूरप्पा के ही भरोसे नहीं रहना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी रणनीतिकारों ने पीएम मोदी और अमित शाह के आयोजनों की संख्या बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे भी कर्नाटक में बढ़ाए जाएंगे।