लोकसभा में क्या बोले थे पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री ने इससे पहले गुरुवार को लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पेश होने के बाद विपक्ष से इसे पारित कराने के लिए सहयोग की अपील की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि राजनीतिक जीवन में जो लोग सफलतापूर्वक आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें यह मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25 से 30 वर्ष में ग्रासरूट लेवल यानी जमीनी स्तर पर महिलाएं लीडर बन चुकी हैं। अब उनके अंदर सिर्फ यहां 33 फीसदी का सामर्थ्य नहीं है, बल्कि वे आपके फैसलों को भी प्रभावित करने वाली हैं। इसलिए जो आज विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। राजनीतिक समझदारी इसी में है कि हम जमीनी स्तर पर महिलाओं की जो राजनीतिक लीडरशिप खड़ी हुई है, उसे संदर्भ में लें।
ये भी पढ़ें: PM Modi Speech: 'महिलाएं पंचायत से पार्लियामेंट आना चाहती हैं', पीएम बोले- विरोधियों को चुकानी पड़ेगी कीमत
फिर क्यों पारित नहीं हो सका विधेयक?
चूंकि किसी भी संविधान संशोधन विधेयक, जैसे- संविधान 131वां संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन विधेयक, 2026) को संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा में विशेष बहुमत से पारित होना अनिवार्य था। विशेष बहुमत का मतलब है...
ऐसे में नारी शक्ति वंदन विधेयक पर कुल 528 सांसदों ने मतदान किया, जिनमें 298 ने समर्थन और 230 ने विरोध में वोट डाला। हालांकि, दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट न मिलने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका।
नारी शक्ति वंदन विधेयक में क्या थे प्रस्ताव?
विधेयक के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन अभ्यास के बाद 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को संचालित करने के लिए लोकसभा की सीटों को वर्तमान 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 किया जाना था। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटों में वृद्धि की जानी थी।
संबंधित वीडियो