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पीएम मोदी का देश को संदेश, अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला नया सवेरा लाएगा

Sat, 09 Nov 2019 06:10 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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देश को संबोधित करते पीएम मोदी - फोटो : BJP Twitter
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अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश की इच्छा थी कि इस मामले की रोजाना सुनवाई हो। दशकों तक चली न्यायिक प्रक्रिया का अब समापन हो गया है।

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आज दुनिया ने यह भी जान लिया है कि भारत का लोकतंत्र कितना जीवंत है और कितना मजबूत है। फैसला आने के बाद हर वर्ग, हर समुदाय और हर पंथ के लोगों ने खुले दिल से इसे स्वीकार किया है। यह भारत के पुरातन संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है। 

पीएम मोदी ने कहा कि फैसला आने के बाद जिस प्रकार हर वर्ग, हर समुदाय और हर पंथ के लोगों सहित पूरे देश ने खुले दिल से इसे स्वीकार किया है, वो भारत की पुरातन संस्कृति, परंपराओं और सद्भाव की भावना को प्रतिबिंबित करता है। 
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उन्होंने कहा कि भारत की न्यायपालिका के इतिहास में भी आज का ये दिन एक स्वर्णिम अध्याय की तरह है। इस विषय पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सबको सुना और बहुत धैर्य से सुना और पूरे देश के लिए खुशी की बात है कि सर्वसम्मति से फैसला दिया।

पीएम ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस फैसले के पीछे दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है। इसलिए, देश के न्यायधीश, न्यायालय और हमारी न्यायिक प्रणाली अभिनंदन के अधिकारी हैं। आज अयोध्या पर फैसले के साथ ही नौ नवंबर की ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे ही है। आज के दिन का संदेश जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है।

आज के दिन का संदेश जोड़ने का है-जुड़ने का है
पीएम ने कहा कि आज अयोध्या पर फैसले के साथ ही नौ नवंबर की ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे ही है। आज के दिन का संदेश जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है।

भय, कटुता, नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं
उन्होंने कहा कि इन सारी बातों को लेकर कभी भी, कहीं भी किसी के मन में कोई भी कटुता रही हो तो उसे भी तिलांजलि देने का दिन है। नए भारत में भय, कटुता, नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च अदालत का ये फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है। इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो, लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुटेगी।

पीएम ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया है, अब देश के हर नागरिक पर राष्ट्र निर्माण की जवाबदारी और बढ़ गई है। एक नागरिक के तौर पर हम सभी पर देश की न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान, नियम कायदों का सम्मान करना, ये दायित्व भी पहले से अधिक बढ़ गया है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने 1045 पन्नों के अपने फैसले में रामलला विराजमान को विवादित भूमि सौंपी और मंदिर बनाने का रास्ता साफ कर दिया। इसी के साथ अयोध्या में ही मस्जिद बनाने का इंतजाम भी कर दिया।  रामलला विराजमान को विवादित भूमि सौंपने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा भी खारिज कर दिया। साथ ही सरकार को सुन्नी वक्फ बोर्ड को किसी दूसरे जगह पांच एकड़ भूमि देने का आदेश दिया है।

अगस्त 2019 को अदालत ने इस मुद्दे की दैनिक सुनवाई सुनिश्चित की और 16 अक्तूबर तक 40 दिन की मैराथन सुनवाई के बाद अपना अंतिम फैसला नवंबर में सुनाने की तारीख दी थी। इस दौरान शीर्ष कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनी। सुप्रीम कोर्ट के लंबे फैसले में कुछ ऐसे तर्क रहे, जिनके आधार पर अयोध्या में विवादित जमीन पर राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हुआ। 
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