सरकार के आठ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के सरपंचों को एक खुला पत्र लिखा। उन्होंने इस पत्र में कहा, पिछले आठ वर्ष में भारत ने ‘ग्राम स्वराज’ और ‘‘पंचायतों के सशक्तीकरण’’ में नए मुकाम हासिल किए हैं। इस दौरान उन्होंने देश भर में गांवों के सरपंचों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने, जल संरक्षण करने और आने वाले योग दिवस को विशेष बनाने का आह्वान भी किया।
प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा, योग के लिए अपने गांव के किसी प्राचीन या पर्यटन स्थल का चुनाव करें। इसके अलावा क्षेत्र में कहीं भी तालाब या जल निकाय का चयन करें और सभी को इसमें शामिल करें। साथ ही उन्होंने इसकी तस्वीरें भी साझा करने का अनुरोध किया ताकि अन्य लोगों को उससे प्रेरणा मिले।
प्रधानमंत्री ने पत्र में लिखा कि योग दिवस लोग बहुत ही उत्साह के साथ मनाते हैं। पिछले कुछ सालों में योग दिवस की तस्वीरें हर भारतीय को गौरव का एहसास कराती रही हैं। उन्होंने बताया कि इस बार के योग दिवस का मुख्य विषय ‘मानवता के लिए योग’ है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लोगों को अपने जीवन में स्वास्थ्य के महत्व का एहसास हुआ और पता चला कि इसमें योग कितनी बड़ी भूमिका निभाता है।
जल की हर एक बूंद बचाने का किया आह्वान
जल की हर एक बूंद बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने गांवों के प्रमुखों से कहा कि वे इस दिशा में अपने प्रयासों को जारी रखें और वर्षा के जल का संचय करने के लिए हरसंभव कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए सरकार ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर हर जिले में 75 अमृत सरोवर बनाने का संकल्प लिया है।
सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे कोई
केंद्र सरकार की सभी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर अक्सर जोर देते रहे मोदी ने सरपंचों से कहा कि इसमें उनकी बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने सरपंचों से अपने प्रयासों को और गति देने को कहा ताकि कोई भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित ना रह जाए। उन्होंने कहा, ‘जब गांव के हर व्यक्ति तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचेगा तो गांव के साथ ही पूरा देश भी समृद्ध होगा।’ प्रधानमंत्री ने उनसे ‘‘स्वच्छ भारत अभियान’’ के तहत अपने प्रयासों को जारी रखने को भी कहा।