चार जून से शुरू होने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पांच देशों की यात्रा काफी अहम है। अफगानिस्तान में वह जहां नए रोड-मैप की नींव रखेंगे, वहीं कतर से उर्जा सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों पर पहल होगी। अमेरिका से परमाणु ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी समेत अन्य बिन्दुओं पर चर्चा होगी तो स्विट्जर लैंड में राष्ट्रपति जोहान स्निडर के साथ कालेधन को लेकर अहम सहमति बन सकती है। अमेरिका से लौटते समय पीएम मैक्सिको भी जाएंगे।
अफगानिस्तान
भारत के लिए काफी अहम है। अभी तक अफगानिस्तान जाने, वहां कोई मदद आदि पहुंचाने के लिए भारत को पाकिस्तान होकर जाना पड़ता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले महीने ईरान यात्रा के दौरान चाबहार बंदरगाह के विकास पर सहमति और समझौता करके लौटे हैं।
इस बंदरगाह के विकास के बाद भारत चाबहार से सीधे अफगानिस्तान पहुंच सकेगा। अफगानिस्तान तक रेल, सड़क मार्ग का रास्ता साफ हो सकेगा। इसके अलावा मध्य एशिया, पूर्वी यूरोप तक सीधे भारतीय सामानों को बाजार मिल सकेगा।
कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तुर्कमेनिस्तान समेत अन्य देशों में आसानी से जाया जा सकेगा। माना जा रहा है कि गैस पाइप लाइन के साथ-साथ प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के साथ इन उद्देश्यों को भी धार देंगे।
हालांकि विदेश मंत्रालय के शब्दों में पीएम वहां उत्तर पूर्व हेरात में हरिरुद नदी पर 1457 करोड़ रुपये की लागत से सलमा बांध का उद्घाटन करने जा रहे हैं। यह बांध 2006 में बनना शुरू हुआ था, पिछले साल बनकर तैयार हुआ और उसमें पानी भरने में करीब एक साल लग गए।
कतर
प्रधानमंत्री अफगानिस्तान से कतर जाएंगे। कतर के प्रधानमंत्री आमिर शेख तामिम बिन हमाद अल थानी के साथ ऊर्जा सुरक्षा, खासकर हाइड्रो कार्बन क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समेत अन्य पहलुओं पर चर्चा होगी।
स्विट्जरलैंड
काला धन रखने वालों के लिए स्वर्ग भी तरह हैं। भारत ने स्विट्जरलैंड से वहां की बैंकों में भारतीयों के खाते आदि के संदर्भ में सहयोग मांगा था। दोनों देश एक समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जोहान स्निडर से सहमति बनेगी। कालेधन पर लगाम लगाना केन्द्र सरकार का अह म एजेंडा है।
अमेरिका
सात जून को प्रधानमंत्री अमेरिका में होंगे। राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ द्विपक्षीय वार्ता, वहां की संसद को संबोधित करने की पहल होगी। प्रधानमंत्री अमेरिका के साथ 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत को मंजूरी, रक्षा क्षेत्र में एलईएसए, इंड यूजर एग्रीमेंट समेत अन्य सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समेत अन्य पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री की अमेरिका यात्रा पर चीन, पाकिस्तान और रूस समेत कई देशों की निगाह है।
मैक्सिको
अमेरिका से लौटते समय प्रधानमंत्री मैक्सिको जाएंगे। मैक्सिको के साथ द्विपक्षीय हितों वाले कई क्षेत्रों में सहमति के आसार हैं।