कोरोना वायरस से राहत पाने के लिए अब बस एक दिन का इंतजार शेष है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जनवरी को सुबह 9 बजे टीकाकरण का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान सभी राज्य के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मौजूद रहेंगे।
पहले दिन देश के तीन लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को सबसे पहले टीका दिया जाएगा। देश भर में तैयार तीन हजार टीका बूथ पर इन स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोविशील्ड और कोवाक्सिन दोनों ही तरह के टीकों की खुराक दी जा सकेंगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया कि शनिवार को देश के 2,934 केंद्रों पर कोरोना का टीका लगाया जाएगा। पहले 5000 केंद्रों पर टीका देने की तैयारी थी लेकिन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्रों की संख्या में कटौती की गई। दिल्ली में 89 केंद्रों पर टीकाकरण शुरू होना था लेकिन अब यह संख्या घटाकर 75 कर दी गई है। हालांकि मंत्रालय ने आने वाले दिनों में केंद्रों संख्या बढ़ाए जाने की बात कही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी है कि वे 10 फीसदी आरक्षित खुराक और प्रतिदिन औसतन 100 टीकाकरण को ध्यान में रखते हुए अपने टीकाकरण सत्रों का आयोजन करें।
इसलिए प्रति स्थल प्रतिदिन अत्यधिक संख्या में टीकाकरण आयोजित करने के लिए राज्यों को अपनी ओर से कोई जल्दबाजी न बरतने की सलाह भी दी है। जैसे-जैसे टीकाकरण प्रक्रिया स्थिर होगी और इसमें प्रगति होगी, तब ये टीकाकरण सत्र स्थल क्रमिक रूप से प्रतिदिन परिचालित होंगे।
मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वरीयता के आधार सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर को टीका मुफ्त में दिया जाएगा। टीका लगवाने वाले को चार हफ्ते में दूसरी खुराक लेनी होगी।
मंत्रालय का कहना है कि सीरम इंस्टीट्यूट की ओर से 95 फीसदी ऑर्डर की डोज भेज दी गई हैं। वहीं भारत बायोटेक भी 35 लाख डोज को उपलब्ध करा चुका है। फिलहाल राज्यों के पास पर्याप्त टीका उपलब्ध है।
कोविन वेबसाइट का भी होगा उद्घाटन
एक दिन बाद देश में कोरोना वायरस का टीकाकरण शुरू होने जा रहा है। ऐसे में बृहस्पतिवार तक देश के सभी राज्यों को पर्याप्त टीका डोज उपलब्ध हो चुकी हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सभी राज्यों में 1.65 करोड़ खुराक वितरित की गई हैं। कोविशील्ड और कोवाक्सिन की इन खुराक को ब्लॉक और जिला स्तर पर स्थित भंडारण तक पहुंचा दिया गया है। कोविन वेबसाइट का उद्घाटन भी किया जाएगा।
कोविन वेबसाइट के जरिए ही व्यक्ति टीका लेने के लिए अपना पंजीयन कर सकता है। इस वेबसाइट के शुरू होने के बाद हर कोई इसका इस्तेमाल कर सकेगा। हालांकि शुरूआत में वेबसाइट का एक्सेस जिला प्रशासन के पास होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अलग-अलग राज्यों को टीका की डोज भेजी जा चुकी हैं। पहली खेप सभी राज्यों में पहुंच गई है। अब दूसरी खेप एक सप्ताह बाद राज्यों को मिलना शुरू होगी।
चूंकि एक टीका छह माह के दौरान ही इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इसलिए सीमित डोज उपलब्ध कराना जरूरी है। एक से दो सप्ताह की एडवांस आपूर्ति राज्यों को समय के अनुसार चलती रहेगी।
राज्यों को टीका की कम डोज मिलना किसी अफवाह से कम नहीं : मंत्रालय
कोरोना वायरस का टीका हर राज्य को उनकी स्थिति के अनुसार ही दिया गया है। राज्यों को टीका की कम डोज मिलने जैसी बातें सिर्फ अफवाह के अलावा कुछ और नहीं है।
बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का बयान सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि संक्रमण को देखते हुए राज्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा टीका लेने वालों के आधार पर ही खुराक उपलब्ध कराई गई हैं। चूंकि सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों और सुरक्षा जवानों को टीका दिया जाएगा। ऐसे में जिस राज्य में जितनी संख्या होगी उसे उतना ही डोज उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश के प्रत्येक राज्य को समान मात्रा में टीका की डोज पहुंचाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी तरह की राजनीति उचित नहीं है। महाराष्ट्र में 7.84 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पंजीयन कराया है। इसलिए अभी जो डोज मिलीं हैं वह पर्याप्त हैं। राज्यों तक टीका की डोज पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसे में किसी भी तरह के पक्षपात या राज्य की सुनवाई न किए जाने का सवाल ही नहीं होता।
दरअसल स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने केंद्र पर कोरोना टीके का कम डोज उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है। टोपे ने कहा कि राज्य को फिलहाल 17 लाख 50 हजार खुराक की जरूरत है लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से 9 लाख 63 हजार और भारत बायोटेक कंपनी से 20 हजार खुराक ही मिले हैं।