प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त पश्चिमी भारत के दौरे पर हैं। इसी के तहत शनिवार को वह गुजरात के सूरत, महाराष्ट्र के मुंबई और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली की राजधानी सिलावासा का दौरा करेंगे। सबसे पहले पीएम सूरत के पास स्थित हजीरा जाएंगे। यहां से वह एलएंडटी आर्मर्ड सिस्टम कॉम्पलैक्स का दैरा करेंगे।
यहां वह सेना को के-9 वज्र टैंक सौपेंगे। जिसे मेक इन इंडिया के तहत सूरत के एलएंडटी प्लांट में विकसित किया गया है। के-9 वज्र के निर्माण के लिए 2018 में एलएंडटी ने साउथ कोरिया की कंपनी हानव्हा टेकविन के साथ करार की घोषणा की थी।
पीएम मोदी की टैंक की सवारी का वीडियो देखें
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 'के-9 वज्र को 4,366 करोड़ रूपये की लागत से शामिल किया जा रहा है। यह कार्य नवंबर 2020 तक पूरा होगा। कुल 100 तोपों में 10 तोपें पुणे में एलएंडटी प्लांट में बनाई जाएंगी। बाकी की 90 तोपें दक्षिण कोरियाई कंपनी के सहयोग से हाजीरा में बनाई जाएंगी।
- इन तोपों के भारतीय तोपखाने में शामिल होने से सेना की मारक क्षमता में वृद्धि होगी।
- इसकी 60 किमी प्रतिघंटा से अधिक गति की क्षमता है।
- यह स्व संचालित मिसाइल हैं, इनका इस्तेमाल युद्ध क्षेत्र में विभिन्न बिंदुओं से किया जा सकता है।
- एलएंडटी के अनुसार के-9 वज्र अपनी लंबी फायरिंग रेंज के साथ, गहरा फायर सपोर्ट भी प्रदान करेंगी।
- के-9 वज्र में कैनल बेज्ड आर्टिलरी सिस्टम है, जिसकी कैपिसिटी 40 से 52 किमी तक है।
- इसकी ऑपरेशनल रेंज 480 किमी है।
- इसमें ऐसी कई खासियतें हैं जिससे यह बोफोर्स टैंक को भी पीछे छोड़ सकते हैं।
- एक मीडिया वेबसाइट के अनुसार के-9 टैंक काफी अडवांस हैं।
पीएम मोदी इसके बाद सूरत के पास स्थित नवसारी भी जाएंगे। यहां वह निराली कैंसर अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। यह नवसारी का पहला संपूर्ण कैंसर अस्पताल है।
इससे न केवल दक्षिणी गुजरात बल्कि कई पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी फायदा होगा। पीएम दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा में एक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखेंगे। वह इस केंद्र शासित प्रदेश में कई विकास योजनाएं शुरू करेंगे।
इन विकास परियोजनाओं में एम आरोग्य एप और डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन जैसी परियोजनाएं भी शामिल हैं। यहां के बाद पीएम मुंबई में भारतीय सिनेमा पर बने राष्ट्रीय संग्रहालय का उद्धाटन करेंगे। इसके साथ ही वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इस संग्रहालय में भारतीय सिनेमा के इतिहास को संजोया गया है। सिनेमा के साथ ही भारत के सामाजिक परिवेश में बदलाव की झलक भी इस संग्रहालय में दिखाई देगी।