गुजरात प्रधानमंत्री का गृहराज्य है। वह प्रधानमंत्री बनने के बाद से करीब 18 बार अपने संसदीय क्षेत्र बनारस जा चुके हैं। इसी तरह से वह हर थोड़े समयांतराल पर गुजरात भी जाना नहीं भूले हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव में कड़े संघर्ष को देखते हुए प्रधानमंत्री ने गृहराज्य पर ध्यान और बढ़ा दिया है। चार और पांच मार्च को वह इसी क्रम में गुजरात में होंगे। पांच मार्च को ही प्रधानमंत्री गुजरात से सीधे मप्र के धार में जनसभा को संबोधित करेंगे। धार से दिल्ली लौटेंगे।
दक्षिण भारत पर है फोकस
प्रधानमंत्री एक मार्च को चेन्नई, कन्याकुमारी, विशाखापत्तनम में थे। भाजपा दक्षिण भारत को अहमियत दे रही है। केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पार्टी की लगातार सक्रियता बनी हुई है। तमिलनाडु में एआईएडीएमके साथ गठबंधन को भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री छह मार्च को फिर चेन्नई में होंगे। चेन्नई में वह जनसभा को संबोधित करेंगे।