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JITO Connect 2022: पीएम मोदी आज जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन के उद्घाटन सत्र को करेंगे संबोधित

Fri, 06 May 2022 12:56 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

"जीतो कनेक्ट’’ कार्यक्रम के माध्यम से यह संगठन व्यवसाय व उद्योग जगत को आपसी नेटवर्किंग और निजी संवाद के माध्यम से आगे बढ़ने का रास्ता प्रदान करता है। तीन-दिवसीय ‘‘जीतो कनेक्ट-2022’’ का आयोजन पुणे स्थित गंगाधाम एनेक्स की ओर से छह से आठ मई तक किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन' के 'जीतो कनेक्ट 2022' (JITO Connect 2022) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर दी।

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पीएम मोदी शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे। जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन (JITO) द्वारा आयोजित यह मंच विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे युवा व्यवसायियों को एक साथ लाएगा। जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन दुनिया भर में जैन समुदाय से जुड़े धर्मालंबियों को जोड़ने वाला एक वैश्विक संगठन है।

‘‘जीतो कनेक्ट’’ कार्यक्रम के माध्यम से यह संगठन व्यवसाय व उद्योग जगत को आपसी नेटवर्किंग और निजी संवाद के माध्यम से आगे बढ़ने का रास्ता प्रदान करता है। तीन-दिवसीय ‘‘जीतो कनेक्ट-2022’’ का आयोजन पुणे स्थित गंगाधाम एनेक्स की ओर से छह से आठ मई तक किया जा रहा है। इसमें व्यवसाय और अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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पीएम मोदी ने हीट वेव प्रबंधन और मानसून की तैयारियों की समीक्षा की
बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हीट वेव प्रबंधन और मानसून की तैयारी से संबंधित स्थिति की समीक्षा की। इस बैठक के दौरान, आईएमडी और एनडीएमए ने देश भर में मई 2022 में उच्च तापमान के बने रहने के बारे में जानकारी दी।

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इस बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य, जिला और शहर के स्तर पर मानक प्रतिक्रिया के रूप में हीट एक्शन प्लान तैयार करने की सलाह दी गई है। साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की तैयारियों के संबंध में, सभी राज्यों को 'बाढ़ तैयारी योजना' तैयार करने और उचित तैयारी के उपाय करने की सलाह दी गई है।



एनडीआरएफ को बाढ़ प्रभावित राज्यों में अपनी तैनाती योजना विकसित करने की भी सलाह दी गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि समुदायों को संवेदनशील बनाने के लिए सोशल मीडिया के सक्रिय उपयोग को व्यापक रूप से अपनाया जाना चाहिए।

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