राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए इसरो के मंगलयान मिशन में महिला वैज्ञानिकों की अहम भूमिका को याद किया। कोविंद ने विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में महिलाओं की कम संख्या पर अफसोस जताते हुए कहा कि अनुसंधान एवं विकास में कार्यरत मात्र 15 प्रतिशत कर्मी महिलाएं हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा एवं दृढ़ निश्चय की सराहना की। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि कुछ नया करने के उनके उत्साह और नए अनुसंधानों ने भारत और दुनिया की मदद की है। उन्होंने कहा कि हमारी कामना है कि भारत में विज्ञान उन्नति करता रहे। हमारे नौजवानों में विज्ञान के प्रति और अधिक उत्सुकता विकसित हो। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमारे वैज्ञानिकों की प्रतिभा एवं दृढ़ निश्चय को सलाम करने का मौका है।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाने का यह है मूल उद्देश्य
इस दिवस का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में नए प्रयोगों के लिए प्रेरित करना, विज्ञान के प्रति आकर्षित करना, तथा विज्ञान एवं वैज्ञानिक उपलब्धियों के प्रति सजग बनाना है। इस दिन विज्ञान संस्थान, प्रयोगशाला, विज्ञान अकादमी, स्कूल, कॉलेज तथा प्रशिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक गतिविधियों से संबंधित प्रोग्रामों का आयोजन किया जाता हैं। रसायनों की आणविक संरचना के अध्ययन में रमन प्रभाव एक प्रभावी साधन है।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस देश में विज्ञान के निरंतर उन्नति का आह्वान करता है, परमाणु ऊर्जा को लेकर लोगों के मन में कायम भ्रांतियों को दूर करना इसका मुख्य उद्देश्य है तथा इसके विकास के द्वारा ही हम समाज के लोगों का जीवन स्तर अधिक से अधिक खुशहाल बना सकते हैं।