भारत और बांग्लादेश के बीच शनिवार को सात नए करार हुए। इनमें तीन नई परियोजनाएं भी शामिल हैं जिनका दोनों प्रधानमंत्रियों ने उद्घाटन किया। इसमें सबसे महत्वपूर्ण एलपीजी आयात योजना है जिसके तहत बांग्लादेश से आने वाली एलपीजी का पूर्वोत्तर राज्यों में वितरण किया जाएगा। इसके अलावा वीडियो लिंक से मोदी और हसीना ने ढाका स्थित रामकृष्ण मिशन में विवेकानंद भवन और खुलना स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स में बांग्लादेश-भारत व्यावसायिक कौशल विकास संस्थान का शुभारंभ किया।
मोदी ने कहा, दोनों देशों के बीच हुए करार जल संसाधन, संस्कृति, शिक्षा, युवाओं के मामले और क्षेत्रीय तटीय निगरानी में भागीदारी बढ़ाएंगे। एक साल में दोनों देशों के बीच 12 परियोजनाएं शुरू हुईं। दोनों देशों के बीच तटीय निगरानी रडार प्रणाली को लेकर हुए समझौते के तहत भारत में लगभग दो दर्जन तटीय निगरानी रडार स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। एक अन्य समझौते के तहत भारत से माल आवाजाही के लिए चटोग्राम और मोंगला बंदरगाहों के उपयोग की सुविधा मिलेगी।
त्रिपुरा के सबरूम शहर के लिए बांग्लादेश की फेनी नदी से 1.82 क्यूसेक पानी लेने पर भी समझौता हुआ। दोनों नेताओं ने शांत, स्थिर और अपराधमुक्त सीमा सुनिश्चित करने के लिए सीमा प्रबंधन पर जोर दिया। इसके लिए संबंधित सीमा बलों को जल्द से जल्द दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सभी लंबित क्षेत्रों में सीमा बाड़ लगाने का निर्देश दिया गया है।