सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में त्रिनिदाद और टोबैगो की ऐतिहासिक यात्रा पर जाएंगे। वे वहां की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। यह दौरा भारतवंशियों के त्रिनिदाद आगमन की 180वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है। ऐसे में पीएम मोदी का त्रिनिदाद और टोबैगो जाना दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को एक नई ऊर्जा देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में त्रिनिदाद और टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे और वहां की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। यह जानकारी सोमवार को विदेश मंत्रालय ने दी। मंत्रालय की साउथ सचिव नीना मल्होत्रा ने बताया कि यह संबोधन एक विशेष सौहार्दपूर्ण इशारा होगा, जो दोनों देशों के बीच मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं का प्रतीक है। दूसरी ओर इस यात्रा का महत्व इसलिए भी है क्योंकि 2025 में भारतवंशियों के त्रिनिदाद आगमन की 180वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।
मल्होत्रा ने बताया कि त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद में इस्तेमाल की जा रही स्पीकर की कुर्सी भारत द्वारा 1968 में उपहार स्वरूप दी गई थी। यह दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रिश्तों और गहरे जन-जन के संबंधों का प्रतीक है। बता दें कि पीएम मोदी 2 जुलाई से ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने ब्राजील जाएंगे और उसके बाद आठ दिन के दौरे पर पांच देशों का दौरा करेंगे, जिसमें ब्राजील, घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना और नामीबिया शामिल हैं।