फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kuwait: दो दिवसीय यात्रा पर कुवैत जाएंगे पीएम नरेंद्र मोदी, 43 साल बाद होगा किसी भारतीय प्रधानमंत्री का दौरा

Wed, 18 Dec 2024 06:54 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस महीने की शुरुआत में कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने भारत का दौरा किया था और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर उन्हें देश आने का निमंत्रण दिया था। अब इसी निमंत्रण पर भारतीय पीएम कुवैत जाएंगे।
विज्ञापन
पीएम मोदी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहयोग और साझेदारी को बढ़ाते हुए कुवैत की दो दिन की यात्रा पर जाएंगे। 43 सालों में यह किसी भारतीय पीएम की इस प्रमुख पश्चिम एशियाई देश की पहली यात्रा होगी। इस समय खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की अध्यक्षता भी कुवैत के पास ही है। 

विज्ञापन


इस दिन जाएंगे पीएम मोदी
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 21-22 दिसंबर को कुवैत का दौरा करेंगे। इस दौरान वह कुवैत के नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। 

मंत्रालय का कहना है, भारत और कुवैत पारंपरिक रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध साझा करते हैं, जो इतिहास में निहित हैं और आर्थिक और मजबूत लोगों से लोगों के संबंधों पर आधारित हैं। भारत कुवैत के शीर्ष व्यापारिक भागीदारों में से एक है। कुवैत में भारतीय समुदाय सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है।
विज्ञापन


अली अल याह्या ने दिया था निमंत्रण
इस महीने की शुरुआत में कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने भारत का दौरा किया था और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर उन्हें देश आने का निमंत्रण दिया था। कुवैत भारत को कच्चे तेल और एलपीजी का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है और यहां 10 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं। 

कुवैत खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) का एकमात्र देश है, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक दौरा नहीं किया है। कुवैत वर्तमान में जीसीसी का अध्यक्ष है। जीसीसी में कुवैत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान और कतर भी शामिल हैं।

भारत दौरे पर आए कुवैत के विदेश मंत्री अबदुल्लाह अली अल याह्या से बीते दिनों पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करते हुए क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने पर समर्थन दिया था। कुवैत ने 1 दिसंबर को 6 सदस्यीय जीसीसी देशों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें उसने तत्काल युद्ध रोकने का आह्वान किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें