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Mahakumbh: महाकुम्भ में रहेगी 'बाज' जैसी नजर वाली सुरक्षा, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के 10000 जवान तैनात

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 18 Dec 2024 06:43 PM IST

सार

Mahakumbh: केंद्रीय एजेंसियों के मुताबिक, कुम्भ में पुख्ता इंटेलिजेंस जुटाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। प्रयागराज में यूपी पुलिस के अलावा बाहर से आने वाले केंद्रीय बल भी इंटेलिजेंस एकत्रित करने का काम करेंगे। मेले के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय के मल्टी एजेंसी सेंटर 'मैक' में तेजी के साथ इनपुट साझा किए जाएंगे।
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केंद्रीय अर्धसैनिक बल - फोटो : अमर उजाला


केंद्रीय एजेंसियों के मुताबिक, कुम्भ में पुख्ता इंटेलिजेंस जुटाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। प्रयागराज में यूपी पुलिस के अलावा बाहर से आने वाले केंद्रीय बल भी इंटेलिजेंस एकत्रित करने का काम करेंगे। मेले के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय के मल्टी एजेंसी सेंटर 'मैक' में तेजी के साथ इनपुट साझा किए जाएंगे। इस सेंटर पर केंद्र सरकार की विभिन्न जांच एजेंसियां, खुफिया विंग, सेना के तीनों अंग और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की इकाइयां, सूचनाओं का आदान प्रदान करती हैं। 


सूत्रों के मुताबिक, कुम्भ मेले की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय बलों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। संदिग्ध तत्वों पर नजर रखने और क्राउड मैनेजमेंट के लिए केंद्रीय बलों को विशेष महारत हासिल है। सीआईएसएफ की 17 कंपनियों में से अभी दो कंपनी, मेला क्षेत्र में पहुंच चुकी हैं। बाकी कंपनियों को भी विभिन्न चरणों में तैनात किया जाएगा। केंद्रीय बलों के जवान, अचूक तरीके से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। वे जवान, लोकल पुलिस द्वारा तैयार चार-जोन सुरक्षा ढांचे के मुताबिक तैनात होंगे। सीआरपीएफ आरएएफ के जवानों को भीड़ वाली जगह पर तैनात किया जाएगा। ये जवान किसी भी तरह के आतंकी हमले का जवाब देने में सक्षम रहेंगे। 


सीएपीएफ के अलावा यूपी पीएसी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की भी 10 कंपनियां प्रयागराज में मौजूद रहेंगी। श्रद्धालुओं की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीएसी की 10 कंपनियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गार्ड के साथ 700 नाव तैयार की गई हैं। इनके साथ 141 सुरक्षाकर्मी रहेंगे। कुम्भ में फ्लोटिंग थर्मोप्लास्टिक बैरिकेड्स लगाए जाएंगे। नाव आपस में न टकराएं, इसके लिए नेविगेशन लेन तैयार की गई है। पहले जोन में 27 मोटर बोट और 113 नावें रहेंगी। इन नावों पर  


सुरक्षा कर्मी, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ कर्मी, लगभग दो दर्जन गोताखोर तैनात रहेंगे। इसी तरह दूसरे जोन को भी 28 बीटों में विभाजित किया गया है। इसमें 24 मोटर बोट व 77 नावें रहेंगी। दो सौ से अधिक सुरक्षाकर्मी, जिनमें एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान, होम गार्ड और गोताखोर शामिल हैं। ड्रोन के जरिए मेले के चप्पे चप्पे पर नजर रखी जाएगी। पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। फेस रिकॉग्निशन कैमरे लगाए जाएँगे। पूरे मेले को संचालित करने वाले पावर सेंटर यानी कंट्रोल रूम से भीड़ पर नजर रखी जाएगी। 


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