पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की इस महीने के अंत में कुआलालंपुर में होने वाले 47वें आसियान शिखर सम्मेलन में मुलाकात हो सकती है। यदि ट्रंप सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो यह भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लागू होने के बाद दोनों नेताओं की पहली बैठक होगी। इससे पहले G7 सम्मेलन में मुलाकात नहीं हो सकी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में आसियावन सम्मेलन में भाग लेने के लिए मलयेशिया के दौरे पर जाने वाले है। जहां वो मलयेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में 47वें आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। ऐसे में इस बात की संभावना तेज है कि मलयेशिया में पीएम मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात हो सकती है। ये मुलाकात इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी दोनों देशों के बीच जारी टैरिफ विवाद के बाद पहली बार मिल सकते हैं।
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बता दें कि अमेरिका ने सितंबर में भारत पर 25% टैरिफ लगाया था और रूसी तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त 25% दंडात्मक शुल्क भी लगाया। मामले में ट्रंप का आरोप है कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन पर रूस के हमलों को बढ़ावा दे रहा है। इसके बाद भारत ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना की। तब से दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया। हालांकि इस तनाव को खत्म करने के लिए दोनों देशों के तरफ से प्रयास जारी है।
26-27 अक्तूबर को होगा सम्मेलन
पीएम मोदी 26-27 अक्तूबर को हो रहे आसियान सम्मेलन में शिरकत करने मलयेशिया जाने वाले हैं। मलयेशिया ने ट्रंप को भी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इससे दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों का कहना है कि यदि ट्रंप सम्मेलन में शामिल होते हैं तो यह भारतीय सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लागू होने के बाद दोनों नेताओं की भागीदारी वाला पहला बहुपक्षीय कार्यक्रम होगा। इससे पहले 15-17 जून को कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात नहीं हो सकी थी।