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Interpol: 90वीं इंटरपोल महासभा को आज संबोधित करेंगे पीएम मोदी, पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल भी हो सकता है शामिल

Tue, 18 Oct 2022 05:39 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इंटरपोल के महासचिव जुर्गन स्टॉक ने कहा कि राज्य प्रायोजित आतंकवाद जैसी किसी भी गतिविधि को रोकने में अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन कोई भूमिका नहीं निभाता है। इसका ध्यान साइबर अपराधियों, मादक पदार्थ के सौदागरों और बाल शोषण करने वालों पर अंकुश लगाने पर रहता है।
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पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को प्रगति मैदान में 90वीं इंटरपोल महासभा को संबोधित करेंगे। इंटरपोल महासभा का आयोजन 18 से 21 अक्तूबर तक किया जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि बैठक में इंटरपोल के 195 सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इनमें मंत्री, देशों के पुलिस प्रमुख, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होंगे।

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इंटरपोल महासभा में पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने भी रजिस्ट्रेशन कराया है। सूत्रों के मुताबिक दो सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघीय जांच एजेंसी के महानिदेशक स्तर के अधिकारी करेंगे।

राज्य प्रायोजित आतंकवाद रोकने में भूमिका नहीं
इंटरपोल के महासचिव जर्गेन स्टॉक ने सोमवार को कहा कि राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोकने में इंटरपोल की कोई भूमिका नहीं है। इसका ध्यान साइबर अपराधियों, मादक पदार्थ के सौदागरों और बाल शोषण करने वालों पर अंकुश लगाने पर रहता है। इंटरपोल साधारण कानूनी अपराध पर केंद्रित है जो कि दुनियाभर में होने वाले अपराध का बहुसंख्य हिस्सा है। स्टॉक मंगलवार से शुरू हो रही इंटरपोल महासभा की चार दिवसीय बैठक के सिलसिले में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले चार दिनों में वैश्विक अपराध और उससे साझा तरीके से निपटने पर विमर्श किया जाएगा।
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स्टॉक ने कहा कि इन दिनों संगठित अपराध के नए आयाम बड़ी चुनौती के रूप मेंं सामने आ रहे हैं। एक तरफ अपराधियों का अंतरराष्ट्रीय फैलाव तो दूसरी तरफ साइबर क्राइम हर देश मेंं सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभाव डाल रहे हैं। हम बाल शोषण करने वालों, दुष्कर्मियों, हत्यारों, ड्रग डीलरों, साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं जो अरबों कमाना चाहते हैं- यही इंटरपोल का फोकस है। स्टॉक ने कहा कि इंटरपोल की ओर से जारी रेड नोटिस अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। इंटरनेट अपने किसी सदस्य देश को रेड नोटिस जारी व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए मजबूर नहीं करता।

रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे
उन्होंने कहा कि हम मुख्य रूप से हमारे संविधान के अनुसार सामान्य कानून अपराध पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हम बाल शोषण करने वालों, बलात्कारियों, हत्यारों, अरबों पैसा कमाने की चाहत रखने वाले मादक पदार्थ सौदागरों और साइबर अपराधियों के खिलाफ काम कर रहे हैं तथा इस पर इंटरपोल का मुख्य ध्यान है। दुनिया भर में ज्यादातर यही अपराध होते हैं, इसलिए इंटरपोल मौजूद है। महासचिव ने कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों के प्रतिनिधि भी महासभा में शामिल होने के लिए आ चुके हैं।

साल में एक बार होती है बैठक
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, प्रतिनिधियों में सदस्य देशों के मंत्री, पुलिस प्रमुख, केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं। महासभा इंटरपोल का सर्वोच्च शासी निकाय है। इसके कामकाज से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए इसकी साल में एक बार बैठक होती है। बैठक में वित्तीय अपराधों और भ्रष्टाचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक 25 साल बाद हो रही
भारत में इंटरपोल महासभा की बैठक 25 साल बाद हो रही है। पिछली बार भारत में यह महासभा 1997 में हुई थी। भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस बार की महासभा का आयोजन नई दिल्ली में किया जा रहा है। महासभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, इंटरपोल के अध्यक्ष अहमद नासर अल रईसी और उसके महासचिव महासचिव जुर्गन स्टॉक भी मौजूद रहेंगे। 21 अक्तूबर को इसके समापन समारोह को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे।

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