प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि यह अंतरिम बजट समाज के सभी वर्गों को स्पर्श करने वाला सर्व समावेशी बजट है। यह एक ‘ट्रेलर’ है जो लोकसभा चुनाव के बाद भारत को खुशहाली के रास्ते पर ले जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बजट से देश के 12 करोड़ से अधिक किसानों, तीन करोड़ मध्यम वर्गीय परिवारों व असंगठित क्षेत्र में कार्यरत 40 से 42 करोड़ लोगों को लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए समय समय पर अलग अलग सरकारों द्वारा योजनाएं बनाई जाती रहीं लेकिन ऊपरी सतह के दो तीन करोड़ को छोड़कर किसानों की बड़ी संख्या उन योजनाओं के दायरे में आई ही नहीं। अब ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ का लाभ 12 करोड़ से ज्यादा ऐसे किसानों को मिलेगा जिनके पास पांच एकड़ या उससे कम भूमि है। एक प्रकार से आजादी के बाद देश के इतिहास में किसानों के लिए बनी यह सबसे बड़ी योजना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों की चिंता कभी नहीं की गई थी। इस बड़े वर्ग को उसके नसीब पर छोड़ दिया गया था। हमारे देश में इनकी संख्या लगभग 40 से 42 करोड़ है। इनके लिए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना उनके बुढ़ापे में बहुत बड़ा संबल होगी। उन्हें आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजनाओं का लाभ तो मिलेगा ही बुढ़ापे में रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पेंशन भी मिला करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के लिए एक के बाद एक ठोस कदम उठा रही है। इस बजट में पशु पालन, गोसंवर्धन, मछलीपालन जैसे ग्रामीण और कृषि जीवन से जुड़े अहम क्षेत्रों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग और मछली पालन का अलग विभाग करोड़ों किसानों की आजीविका को बढ़ाने में मदद करेगा। हमारी पूरी कोशिश है कि किसान को सशक्त करके उसे ऐसे संसाधन मुहैया कराएं जिससे वे अपनी आमदनी दोगुनी कर सकें।