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Hunger Strike: 'PM मोदी जनता की बात सुनें', वांगचुक बोले-डॉक्टर-इंजीनियर भी नकल से बनेंगे तो देश कैसे बढ़ेगा?

Tue, 14 Jul 2026 11:37 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक भूख हड़ताल कर रहे हैं। उन्होंने परीक्षा सुधार, संसद में चर्चा और प्रधानमंत्री मोदी से जनता की आवाज सुनने की अपील की।

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सोनम वांगचुक ने पीएम से क्या आग्रह किया? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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जंतर मंतर पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह प्रदर्शन नीट- यूजी के प्रश्न पत्रों के लीक होने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है। इस प्रदर्शन में कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं। वह 17 दिन से भूख हड़ताल कर रहे हैं। 

इस बीच इंडियन एक्सप्रेस हिंदी से बात करते हुए वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जनता की आवाज सुनने का आग्रह किया। इसके साथ ही सभी दलों के नेताओं से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।

पेपर लीक हो जाए तो आपको किस तरह का डॉक्टर मिलेगा?

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जब उनसे पूछा गया कि क्या परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए क्या किसी एक व्यक्ति के इस्तीफे से यह समस्या हल हो जाएगी? इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं, लेकिन इससे जवाबदेही का रास्ता जरूर खुलेगा। सरकार जवाबदेही तय नहीं करती, इस तरह की मनमानी चलती रहेगी। यह सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय समाज पर कलंक है। अगर परीक्षा का पेपर लीक हो जाए तो आपको किस तरह का डॉक्टर मिलेगा? ऐसे डॉक्टर आपके बच्चों का इलाज करेंगे। नकल करके पास हुए इंजीनियर आपकी इमारतें बनाएंगे, जो ढह जाएंगी और जानें जाएंगी।

सबसे अहम बात यह है कि आज देश में ईमानदारी का कोई मूल्य नहीं है। सब कुछ बेईमानी पर चलता है। परीक्षा के प्रश्नपत्रों से लेकर वोटों तक, सब कुछ बिकता है। इस तरह कोई देश प्रगति कैसे कर सकता है? विकसित राष्ट्र बनने की बात तो दूर, हम इस वैश्विक गांव का सामना कैसे कर पाएंगे? 

 इसके साथ ही राहुल गांधी और अखिलेश यादव  के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर कहा कि  मुझे पूरी उम्मीद है कि सभी राजनीतिक दलों के नेता आएंगे। अगर वे नहीं आते हैं, तो यह केवल उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाएगा, जनता उन्हें नकार देगी। इस मंच का कोई राजनीतिक रंग नहीं है।

पीएम मोदी को दिया संदेश 
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपना संदेश दिया कि उन्होंने जनता की आवाज सुनना चाहिए। उन्हें संवेदनशील होना चाहिए, कठोर नहीं। लोकतंत्र सहानुभूति और करुणा से चलता है, कठोरता से नहीं। मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से कभी नहीं मिला।

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