ब्रिजिटल नेशन नामक किताब का विमोचन करते पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बिजनेस लीडर्स और टेक्नोक्रेट्स से कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के खतरों पर बहस नहीं होनी चाहिए। बहस इस बात पर होनी चाहिए कि रोबोट, कब इंसान से ज्यादा स्मार्ट होगा। इस बात पर भी चर्चा होनी चाहिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मानवीय इरादों के बीच पुल कैसे बनाया जाए।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से एआई और मानव इरादों के मध्य संपर्क बनाने का आग्रह किया। वह, ब्रिजिटल नेशन नामक किताब के विमोचन के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। इसे एन चंद्रशेखरन और रूपा पुरुषोत्तमन ने लिखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र, कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से वितरित करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है।
इस बैठक में रतन टाटा जैसे शीर्ष उद्यमी सहित कई अन्य कारोबारी शामिल थे। पीएम ने कहा कि देश में गरीबों और समाज में हाशिए पर गए वर्गों के जीवन को ऊपर उठाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग होना चाहिए।
एक वर्ग तकनीक विरोधी
मोदी ने कहा कि हालांकि एक वर्ग प्रौद्योगिकी विरोधी के रूप में काम कर रहा है। प्रौद्योगिकी केवल मानवता को फायदा पहुंचाती है, बशर्ते इसका उपयोग अच्छे इरादों के साथ हो। प्रौद्योगिकी ध्वस्त करने की एक बड़ी कोशिश हो रही है। डर का माहौल बनाया जा रहा है। प्रौद्योगिकी को हमारे जनसांख्यिकीय लाभांश के लिए एक चुनौती के रूप में पेश किया जा रहा है।
कई कामों में उन्नत तकनीक का प्रयोग
प्रधान मंत्री ने कहा कि केंद्र ने उज्ज्वल योजना के तहत आठ करोड़ नए एलपीजी कनेक्शन बांटने में एआई, डिजिटल मैपिंग, वास्तविक समय की निगरानी और डेटा खुफिया सहित कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है। ई-मार्केट प्लेस जैसे नवीन विचारों और मांग-आपूर्ति के बीच एक पुल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया है।