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PM Modi: उमर अब्दुल्ला के गुजरात दौरे पर PM मोदी ने जताई खुशी, कहा- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमते देखकर अच्छा लगा

Fri, 01 Aug 2025 03:38 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक पर्यटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गुजरात का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भी यात्रा की और साबरमती रिवरफ्रंट पर दौड़ लगाई। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि अब्दुल्ला की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमते देखकर अच्छा लगा। 
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उमर अब्दुल्ला और पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : पीटीआई/एएनआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की गुजरात यात्रा पर खुशी जताई। पीएम मोदी ने कहा कि उमर अब्दुल्ला की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की यात्रा बाकी लोगों को भी देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा के लिए प्रेरित करेगी। अब्दुल्ला एक पर्यटन कार्यक्रम में शामिल होने अहमदाबाद आए थे।

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पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, 'कश्मीर से केवड़िया तक! उमर अब्दुल्ला को साबरमती रिवरफ्रंट पर दौड़ का आनंद लेते और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी घूमते देखकर अच्छा लगा। उनकी यह यात्रा एकता का एक महत्वपूर्ण संदेश देती है और हमारे साथी भारतीयों को भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने के लिए प्रेरित करेगी।'

अब्दुल्ला ने दौड़ की तस्वीरें कीं पोस्ट
इससे पहले, अब्दुल्ला ने प्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट सैरगाह पर अपनी सुबह की दौड़ की तस्वीरें पोस्ट की थीं। उन्होंने कहा, 'यह उन सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है जहां मैं दौड़ पाया हूं और इतने सारे अन्य पैदल यात्रियों/धावकों के साथ इसे साझा करना मेरे लिए खुशी की बात थी। मैं अद्भुत अटल पैदल पुल के पास से भी दौड़कर गुजरा।'
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दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई 182 मीटर है। यह देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित है और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। यह नर्मदा जिले में एकता नगर, जिसे पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था के पास स्थित है। 

सरदार बल्लभभाई पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि: अब्दुल्ला
अब्दुल्ला ने एकता नगर में बांध की दीवार पर खड़े होकर पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि ये दोनों संरचनाएं इतनी प्रभावशाली होगीं। उन्होंने कहा, 'ये दोनों संरचनाए सरदार वल्लभभाई पटेल, जिन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है, को सच्ची श्रद्धांजलि हैं। ये संरचनाएं नए भारत का प्रतीक हैं। जरा सोचिए कि इस बांध ने कच्छ जैसे शुष्क क्षेत्रों को पानी उपलब्ध कराने में हमारी कितनी मदद की। इस परियोजना की वजह से लोगों का जीवन बदल गया।'
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सिंधु जल संधि रोके जाने से उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही
अब्दुल्ला ने आगे कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के लोग इतने भाग्यशाली नहीं थे, क्योंकि हमें ऐसी परियोजनाएं बनाने की अनुमति नहीं मिलती थी। हमें तो नदियों पर बांध भी बनाने की इजाजत नहीं थी। लेकिन अब, जब सिंधु जल संधि को रोका गया है, तो हमें उम्मीद की एक नई किरण दिख रही है।

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