गुजरात के सनेसरा में महत्कांक्षी साउनी जल परियोजना का उद्घाटन करने पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी की सतर्कता की वजह से एक कैमरामैन की जान बच गई। यह दावा गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने परियोजना के उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित करते हुए किया। भाजपा नेता ने कहा बांध से पानी छोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ने बटन दबाने के बाद पीएम ने उस तरफ देख रहे थे जहां से पानी निकलना था।
मोदी
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पीएम ने देखा कि वहां एक कैमरामैन खड़ा था। उन्होंने उसे वहां से हटने का इशारा किया, उस वक्त उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी भी थे, उन्होंने भी प्रधानमंत्री के साथ कैमरामैन को वहां से हटने के लिए कहा। कैमरामैन पानी के बहाव की दिशा को लेकर अनजान था और वह शॉट लेने में व्यस्त था। पानी की धारा इतनी तेज थी कि वह उसे बहाकर ले जा सकती थी।
प्रधानमंत्री का इशारा पाते ही वह वहां से बच निकला लेकिन कैमरा वहीं छूट गया। इसके बाद कैमरा पानी के साथ बह गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कैमरा ट्राइपॉड पर टिका नहीं रह सका और बह गया।
नितिन पटेल ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने उन्हें सतर्क नहीं किया होता, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
क्या है साउनी परियोजना ?
कैमरामैन
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साउनी (सौराष्ट्र नर्मदा अवतरन इरिगेशन) परियोजना गुजरात के जामनगर जिले के ढोरूल तालुका में स्थित है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वप्न थी, जिसे उन्होंने राज्य का मुख्यमंत्री रहते 2012 में शुरू किया था।
12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी इस परियोजना के तहत क्षेत्र के 115 बांधों में सरदार सरोवर बांध के अतिरिक्त जल को पहुंचाना और इसे पाइपलाइन द्वारा पीने व सिंचाई के लिए मुहैया कराना था।
पीएम मोदी ने अभी पहले चरण का उद्घाटन किया है जिसके अंतर्गत 10 बांधों को कवर किया जाएगा।इस योजना के तहत 57 किमी की पाइपलाइन बनकर तैयार हो चुकी है। इसे सरदार सरोवर बांध से बहने वाले 1 मिलियन एकड़ फीट (MAFT) पानी को डायवर्ट कर अन्य बांधों को भरा जाएगा। सौराष्ट्र-नर्मदा अवतरण इरिगेशन योजना का संक्षिप्त रूप साउनी है जिसका गुजराती में मतलब सबके लिए होता है।
यह परियोजना सौराष्ट्र के 11 सूखा प्रभावित जिलों की भी प्यास बुझाएगी।
योजना के बाकी बचे चार चरणों के साल 2019 से पहले पूरा होने की संभावना है।