फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

G20: पीएम मोदी बोले- प्रौद्योगिकी को पुल बना सतत-समावेशी विकास के लिए एक परिवार की भावना जरूरी, पढ़ें पूरी खबर

Sun, 10 Sep 2023 06:34 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

‘एक परिवार’ सत्र के दौरान मोदी ने कौशल विकास पर ध्यान देने के साथ युवा विकास को आगे बढ़ाने के तरीकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व में जरूरी है और यह 21वीं सदी में एक बड़े वैश्विक परिवर्तन का साधन होगा।
विज्ञापन
पीएम मोदी - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने प्रौद्योगिकी को एक पुल बनाकर विकास को टिकाऊ और समावेशी बनाने के लिए ‘एक परिवार’ की भावना के साथ काम किया है। उन्होंने जी-20 सदस्यों से हर देश, वर्ग और क्षेत्र को एक साथ लाने के लिए समान भावनाओं के साथ एक वैश्विक समर्थन प्रणाली बनाने का आह्वान किया।

‘एक परिवार’ सत्र के दौरान मोदी ने कौशल विकास पर ध्यान देने के साथ युवा विकास को आगे बढ़ाने के तरीकों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नेतृत्व में जरूरी है और यह 21वीं सदी में एक बड़े वैश्विक परिवर्तन का साधन होगा। उन्होंने कहा, भारत में अब हर क्षेत्र में महिला नेतृत्व दिखाई दे रहा है। भारत में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, गणित और इंजीनियरिंग में लगभग 45 फीसदी स्नातक लड़कियां हैं। मोदी ने कहा, जी-20 महिलाओं के सशक्तीकरण को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भारत ने प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया है। मोदी ने विकासशील देशों के ऋण संकट से निपटने के लिए संवेदनशीलता के साथ ‘एक परिवार’ के मंत्र से उपाय करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, हमें एक ऐसी प्रणाली बनानी होगी ताकि इस संकट से घिरे देश इससे बाहर आ सकें और भविष्य में इस तरह के संकट से बचा जा सके। मोदी ने ‘सतत विकास लक्ष्यों को गति देने की कार्य योजना’ के तहत इन देशों को वित्तीय मदद को बढ़ावा देने के समझौते पर प्रसन्नता व्यक्त की।  

ये तीन सुझाव दिए

विज्ञापन

मोदी ने तीन सुझाव देते हुए कहा, दुनिया की अग्रणी खेल लीगों को अपनी कमाई का पांच फीसदी वैश्विक दक्षिण के देशों में महिलाओं के लिए खेल के बुनियादी ढांचे में निवेश करना चाहिए। यह वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी के लिए एक नए तरह का मॉडल हो सकता है। इसके अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिभाओं को वैश्विक अवसर तलाशने में मदद के लिए ‘जी-20 टैलेंट वीजा’ की एक विशेष श्रेणी भी शुरू की जा सकती है। तीसरे सुझाव में मोदी ने कहा, डब्ल्यूएचओ की देखरेख में वैश्विक बायो-बैंक स्थापित करने पर भी विचार किया जा सकता है। ये हृदय रोगों, सिकल सेल एनीमिया और स्तन कैंसर पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसा बैंक बनाने में खुशी होगी।

विश्वास, पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाली वैश्विक आपूर्ति शृंखला बने
विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाली वैश्विक आपूर्ति शृंखला की वकालत करते हुए मोदी ने कहा, कोविड-19 महामारी ने मौजूदा आपूर्ति शृंखला की पोल खोल दी। ‘एक परिवार’ की बात करते समय हमें अपने वैश्विक परिवार के सामने आने वाली चुनौतियों का ध्यान रखना होगा। हम देशों और मानवता को सिर्फ बाजार के रूप में नहीं देख सकते। हमें संवेदनशीलता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। विकासशील देशों की क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मोदी ने कहा, भारत का प्रस्तावित मैपिंग ढांचा मौजूदा आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने में मदद करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें