फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pune: PM मोदी बोले- लोगों ने भारत को दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया, भगवद्गीता का भी किया जिक्र

Tue, 01 Aug 2023 05:06 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

पीएम मोदी ने कहा कि वह लोकमान्य तिलक के नाम पर पुरस्कार पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिलक के जीवन से हम कई चीजें सीख सकते हैं।
विज्ञापन
pm modi - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पुणे में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए गए। इस कार्यक्रम में एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी मौजूद रहे, जिनसे पीएम मोदी गर्मजोशी के साथ मिले। इस दौरान पीएम मोदी ने वहां भारी संख्या में आए लोगों को भी संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि वह लोकमान्य तिलक के नाम पर पुरस्कार पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तिलक के जीवन से हम कई चीजें सीख सकते हैं।

विज्ञापन


पीएम बोले- लोगों ने देश को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में ट्रस्ट सरप्लस नीतियों और लोगों की मेहनत दोनों में दिख रहा है, अविश्वास का माहौल रहेगा तो विकास असंभव है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में भारत के लोगों ने बड़े बदलाव संभव किए हैं। भारत के लोगों ने देश को दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया है।

लोकमान्य  तिलक की भगवद्गीता में बहुत आस्था थी
आगे उन्होंने लोकमान्य तिलक को याद करते हुए कहा कि वह स्वतंत्र प्रेस के महत्व को समझते थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदल दी। उन्होंने यह भी कहा कि आज अगर किसी विदेशी आक्रमणकारी के नाम पर बनी सड़क का नाम बदल दिया जाता है तो कुछ लोग असहज हो जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि तिलक की भगवद्गीता में बहुत आस्था थी। अंग्रेजों ने उन्हें मांडले जेल भेज दिया था, लेकिन वहां भी उन्होंने भगवद गीता पर अपना शोध जारी रखा और गीता रहस्य लिखा और लोगों को कर्म की शक्ति से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि तिलक ने इस बात पर जोर दिया कि लोग खुद पर विश्वास करें।
विज्ञापन




तिलक को अहमदाबाद में 40000 से ज्यादा लोग उन्हें सुनने आए थे
पीए मोदी ने कहा कि लोकमान्य तिलक में युवा प्रतिभा को पहचानने की अद्वितीय क्षमता थी और वीर सावरकर इसका एक उदाहरण थे। लोकमान्य तिलक को वीर सावरकर की क्षमता का एहसास हुआ और उन्होंने विदेश में उनकी शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब किसी पुरस्कार का नाम लोकमान्य तिलक के नाम पर रखा जाता है, तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है। पीएम ने यह भी कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल पर लोकमान्य तिलक के एक भाषण का गहरा प्रभाव पड़ा था। एक किस्से का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि तिलक लोगों को संबोधित करने के लिए अहमदाबाद गए थे। उन्होंने कहा, 40000 से ज्यादा लोग उन्हें सुनने आए थे। 

पीएम ने राष्ट्रीय पुरस्कार से मिली राशि नमामि गंगे परियोजना को समर्पित की
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि तिलक जी ने आज़ादी की आवाज़ को बुलंद करने के लिए पत्रकारिता और अखबार की अहमियत को भी समझा। लोकमान्य तिलक ने परंपराओं को भी पोषित किया था। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस और आदर्शों की ऊर्जा से समाज को भरने के लिए शिव जयंती आयोजन शुरू किया। उन्होंने समाज को जोड़ने के लिए सार्वजनिक गणपति महोत्सव की नींव डाली। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से मिले एक लाख रुपये नमामि गंगे परियोजना को समर्पित कर दिए हैं। 
विज्ञापन




 गरीब और मध्यम वर्ग के हर सपनों को पूरा करना, मोदी की गारंटी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार शहरों में रहने वाले, विशेषकर मध्यम वर्ग की क्वालिटी ऑफ लाइफ को लेकर बहुत गंभीर है। जब क्वालिटी ऑफ लाइफ सुधरती है, तो उस शहर का विकास भी तेजी से होता है। आगे बोले कि पुणे जैसे शहरों में क्वालिटी ऑफ लाइफ और बेहतर हो, इसके लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के हर सपनों को पूरा करना, मोदी की गारंटी है। हमारा प्रयास आपके आज के साथ-साथ आपके कल को बेहतर बनाने का भी है। विकसित भारत के निर्माण का संकल्प इसी भावना का प्रकटीकरण है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें