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Narendra Modi: बस्तर पंडुम कार्यक्रम पर बोले पीएम मोदी- माओवाद नहीं विकास और आत्मविश्वास है यहां की नई पहचान

Tue, 10 Feb 2026 11:52 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

छत्तीसगढ़ के बस्तर में 8 से 9 फरवरी तक 'बस्तर पंडुम' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा आइए जानते हैं? 
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बस्तर पंडुम कार्यक्रम - फोटो : एक्स (@narendramodi)
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के बस्तर की पहचान लंबे समय से माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन  से था। लेकिन अब धीरे-धीरे बस्तर नए पहचान समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से देश में जाना जा रहा है। इसी बदलाव की एक बड़ी मिसाल है 'बस्तर पंडुम', जिसका आयोजन 7 से 9 फरवरी के बीच बड़े उत्साह से हुआ था। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन के बारे में एक्स पर लिखा, "7 से 9 फरवरी के बीच छत्तीसगढ़ में 'बस्तर पंडुम' का विशेष आयोजन किया गया। इस उत्सव के दौरान बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य रूप दिखा। इस प्रयास से जुड़े अपने सभी परिवारजनों को मेरी हार्दिक बधाई। ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।"

अब हालात बदल चुके हैं- पीएम मोदी
उन्होंने आगे कहा, "पहले जब बस्तर का नाम लिया जाता था तो माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन की छवि उभरती थी। लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। आज बस्तर विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है। मेरी यही कामना है कि यहां का आने वाला समय शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव की भावना से परिपूर्ण हो।"

 

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  'बस्तर पंडुम' में शामिल हुए थे। उन्होंने इसे बस्तर के लिए इसे एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "वामपंथी उग्रवादियों के भय और हिंसा से बाहर निकलकर बस्तर अपनी संस्कृति और धरोहरों को आगे बढ़ा रहा है और विकसित भारत का ब्रांड एंबेसडर बन रहा है। आज जगदलपुर (छत्तीसगढ़) के ‘बस्तर पंडुम’ में जनजातीय बहनों-भाइयों को पुरस्कार वितरित कर उनसे संवाद किया।"

सदियों तक आईईडी और बारूदों के अंधकार में झोंक रखा था
उन्होंने आगे कहा, "नक्सलियों ने जिस बस्तर को सदियों तक आईईडी और बारूदों के अंधकार में झोंक रखा था। मोदी जी के नेतृत्व में वहां की कला, संस्कृति, खान-पान और विरासत वैश्विक पहचान पा रही है। जगदलपुर में 'बस्तर पंडुम' में जनजातीय कला और संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया।" "कैसे एक सरकार नेक इरादे, नेक मंशा और मजबूत नीति व स्पष्ट नीयत से असंभव से लगने वाले कार्य को भी संभव कर सकती है, ‘बस्तर पंडुम’ में हंसता-खेलता बस्तर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद से विकासवाद की उस यात्रा का प्रत्यक्ष साक्षी है।

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