फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेघालय कोयला खदान हादसा: मृतकों की संख्या पहुंची 30, असम के अस्पताल में दो और लोगों ने तोड़ा दम

Tue, 10 Feb 2026 11:51 AM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिलचर (असम)

सार

Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय कोयला खदान हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। असम के अस्पताल में दो और लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि सोमवार रात को गंभीर चोटों से जूझ रहे दो मजदूरों की मौत हो गई। 
विज्ञापन
मेघालय में कोयला खदान में विस्फोट के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी - फोटो : ANI-वीडियो ग्रैब
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेघालय में पांच फरवरी को हुए कोयला खदान में विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। असम के अस्पताल में दो और मजदूरों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मंगलवार (10 फरवरी) को एक अधिकारी ने बताया कि यहां एक अस्पताल में दो और लोगों की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई। 
विज्ञापन


देर रात अस्पताल में दो लोगों की मौत
मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट से भयानक हादसा हो गया था। सोमवार रात को दम तोड़ने वाले दोनों लोग असम के कछार जिले के कटिगोराह के निवासी थे और सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसएमसीएच) में उनका इलाज चल रहा था।

9 घायलों को कराया गया भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात कोयला खदान विस्फोट में घायल हुए दो व्यक्तियों की एसएमसीएच अस्पताल में मौत हो गई। उनकी पहचान रामचंद्र बैष्णब और निमारुद्दीन के रूप में हुई है। पांच फरवरी की घटना के बाद कुल मिलाकर नौ घायल खनिकों को एसएमसीएच में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन


सरकार ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
बता दे कि यह विस्फोट पड़ोसी मेघालय के सुदूर थांगस्कू क्षेत्र के म्यंसंगट गांव में स्थित एक कोयला खदान में हुआ था। मेघालय सरकार ने विस्फोट के कारणों का पता लगाने और जिम्मेदारी तय करने के लिए घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि न्यायिक जांच घटना के कारणों की जांच करेगी।

वहीं असम सरकार ने राज्य में मृतकों के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। इस घटना में अब तक राज्य के कम से कम आठ मजदूर मारे गए हैं, ये सभी कछार जिले के रहने वाले थे।

ये भी पढ़ें: मेघालय कोयला खदान हादसा: सीएम संगमा ने की न्यायिक जांच आयोग गठन की घोषणाकारणों का लगाया जाएगा पता
विज्ञापन


कई दिनों तक चला रेस्क्यू अभियान
खदान में विस्फोट के बाद बड़े स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया गया था, जिसमें राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक शामिल थे। सभी शवों को बरामद करने से पहले रेस्क्यू ऑपरेशन कई दिनों तक जारी रहा। बता दें कि पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने 2014 में मेघालय में अवैध कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंध के बावजूद कई जिलों से अवैध कोयला खनन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

अन्य वीडियो

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें