असम में नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजंस (एनआरसी) के मुद्दे पर भाजपा और यहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बीच बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले साल 29 जनवरी से पांच फरवरी के बीच यहां ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाली एक रैली को संबोधित करेंगे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने बताया कि पहले मोदी की सभा 23 जनवरी को होने वाली थी, लेकिन उस समय प्रधानमंत्री के व्यस्त होने की वजह से रैली की तारीख आगे बढ़ाई जा रही है। प्रधानमंत्री दफ्तर से तारीख पक्की होते ही उसकी घोषणा कर दी जाएगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसी मैदान पर 19 जनवरी को गैर भाजपाई नेताओं की एक विशाल रैली आयोजित करने का एलान किया है। घोष ने बताया कि उससे पहले बंगाल के तीन इलाकों से तीन रथ यात्राएं निकाली जाएंगी जो रैली में आकर खत्म होंगी। इन रथ यात्राओं में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा कम से कम 20 केंद्रीय नेता हिस्सा लेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा एनआरसी को ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनावी मुद्दा बनाना चाहती है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को कहा था कि वोट बैंक की राजनीति के कारण ममता ने घुसपैठियों के मुद्दे पर अपना रुख बदल लिया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर घुसपैठ के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।