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राहुल गांधी का दावा: पीएम मोदी का शासन आखिरी दौर में, उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हुई; कांग्रेस को क्या सलाह दी?

Thu, 20 Aug 2026 01:49 PM IST
निर्मल कांत एएनआई, नई दिल्ली।

सार

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन अंतिम दौर में है और उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो चुकी है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार पर हमला किया। दोनों नेताओं ने क्या-क्या कहा?
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस कार्य समिति यानी सीडब्ल्यूसी की बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन 'अंतिम दौर' में है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के उत्तराधिकारी की तलाश भी शुरू हो चुकी है।
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सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा, नरेंद्र मोदी का सियासी अंत हो चुका है। इनका वक्त खत्म हो गया है। मोदी का शासन आखिरी दौर में है। इनके उत्तराधिकारी की तलाश चल रही है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार को पूरी तरह पीछे हटने की स्थिति में बताया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सरकार के खिलाफ और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ने को कहा।

ये बातें दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक के दौरान कही गईं। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने देश की राजनीतिक स्थिति और अहम मुद्दों पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा की।
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खरगे ने मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले 12 साल में युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। खरगे ने दावा किया कि हाल के वर्षों में 94 हजार स्कूल बंद हो चुके हैं। उन्होंने युवाओं के लिए साफ, व्यापक और तय समय में पूरा होने वाला 'शिक्षा से रोजगार रोडमैप' बनाने की मांग की।

राम मंदिर के चढ़ावे पर क्या बोले?
खरगे ने राम मंदिर ट्रस्ट को मिले पैसे, सोने और दूसरी चीजों के रूप में मिले चढ़ावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि इस चढ़ावे का हिसाब कैसे रखा जा रहा है और इनका इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है, तो उसकी ठीक से जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

सीडब्ल्यूसी की बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। खरगे ने कहा कि संसद का सत्र खत्म होने के बाद सीडब्ल्यूसी की यह पहली बैठक है। इसमें देश से जुड़े कई अहम और तत्काल ध्यान देने वाले मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें युवाओं का भविष्य, राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चढ़ावे का हिसाब और भारत की सीमाओं पर चीन के कथित कब्जे की रिपोर्ट जैसे मुद्दे शामिल हैं।
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युवाओं की स्थिति को लेकर भी खरगे ने उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत के युवाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने युवाओं को 'गहरी निराशा के दलदल' में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक उन्माद और रेवड़ी संस्कृति की दौड़ के बीच शिक्षा और रोजगार को नजरअंदाज किया गया है।
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