एसपी शर्मा का कहना है कि कोरोना संक्रमण से केंद्र और राज्य सरकारें लड़ रही हैं। उम्मीद है कि इसमें जल्द ही सफलता भी मिलेगी। यह अलग बात है कि कुछ राज्यों में कोरोना के मामले बहुत अधिक हो गए हैं।
इसके लिए भी केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे। मंगलवार को पीएम मोदी ने जो कुछ भी कहा है, उसका सीधा मतलब है कि वे अब लोगों को कोरोना के डर से बाहर निकालकर विकास की राह पर ले जाना चाहते हैं।
अभी सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट के साधन अच्छे से चलने लगेंगे तो इन सभी स्थितियों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पीएम मोदी द्वारा यह कहा जाना कि भविष्य में जब कभी भारत की कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अध्ययन होगा, तो ये दौर इसलिए भी याद किया जाएगा कि कैसे इस दौरान हमने साथ मिलकर काम किया था।
केंद्र और राज्यों का एक साथ काम करना, सह संघवाद का सर्वोत्तम उदाहरण बताया जाएगा। ये सभी बातें इशारा करती हैं, जहां कोरोना के ज्यादा केस नहीं है, वहां अर्थव्यवस्था पर अच्छे से फोकस किया जाएगा।
पीएम मोदी ने यह साफ कर दिया है कि पिछले कुछ दिनों में जो ठोस निर्णय लिए गए थे, अब अर्थव्यवस्था में उसके नतीजे देखने को मिल रहे हैं। छोटे उद्योगों पर केंद्र सरकार का खास ध्यान है।
एमएसएमई के लिए बड़ा पैकेज देना सरकार की विकास के लिए इच्छाशक्ति को दर्शाता है। पीएम ने कहा, व्यापार और इंडस्ट्री अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ सकें, इसके लिए वैल्यू चेन पर सभी को मिलकर काम करना होगा।
एसपी शर्मा के अनुसार, पीएम मोदी ने इस बातचीत में किसानों का भी जिक्र किया है। किसानों द्वारा उत्पादित वस्तुएं बेचने के लिए क्लस्टर बेस्ड रणनीति की घोषणा की गई है।
पीएम मोदी की इस बातचीत में पंजाब, असम, केरल, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, गोवा, मणिपुर, नागालैंड, लद्दाख, पुडुचेरी, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, अंडमान और निकोबार, दादर और नगर हवेली, दमन दीव, सिक्किम और लक्षद्वीप शामिल रहे।
देश में कोरोना के केस 3,43,091 का आंकड़ा पार कर गए हैं। कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों की संख्या एक लाख अस्सी हजार से अधिक है। देश में कोविड 19 के मरीजों का रिकवरी रेट बढ़कर 52.47 फीसदी हो गया है। साथ ही कोरोना के चलते 9900 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई है।