प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों को लेकर किए गए पोस्ट के बाद कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस नेताओं ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और सांसद प्रमोद तिवारी ने पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे चुनाव के तरीके को लेकर सवाल किए।
पीएम मोदी ने पोस्ट में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि चार बड़े राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों पर चुनाव हुए और मतदान बैलेट पेपर यानी मतपत्रों के जरिए कराया गया। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं।
सुप्रिया श्रीनेत ने वाराणसी का जिक्र कर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह स्वीकार किया है कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव विश्वसनीय हैं, जबकि ईवीएम को लेकर लोगों के मन में संदेह है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री होने के नाते मोदी की जिम्मेदारी है कि वे इस संदेह को दूर करें और बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर विचार करें।
सुप्रिया श्रीनेत ने वाराणसी का जिक्र करते हुए भी प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं, तो प्रधानमंत्री वाराणसी में चुनाव हार भी सकते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि जब वाराणसी में बैलेट पेपर से चुनाव हुए, तो भाजपा क्यों हारी थी।
प्रमोद तिवारी ने की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शायद पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो विधान परिषद के सीमित सीटों वाले चुनावों पर बात कर रहे हैं। तिवारी ने कहा कि इन चुनावों में बैलेट पेपर से मतदान हुआ था और प्रधानमंत्री इसी आधार पर कांग्रेस की जीत को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
प्रमोद तिवारी ने मांग की कि उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री से यह घोषणा करने को भी कहा कि अगला लोकसभा चुनाव और इन राज्यों के चुनाव मतपत्रों के जरिए होंगे।