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नोटबंदी पर बोले PM मोदी, 'मैं पहले दिन से बहस चाहता था, विपक्ष भागता रहा'

Tue, 07 Feb 2017 02:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नरेंद्र मोदी
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राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कि 'बहुत समय से भूकंप का इंतजार था.. आखिर आ ही गया भूकंप। आखिर क्या कारण है कि धरती मां इतनी रूठ गई है। उन्होंने कहा कि सेवा में स्कैम देखने की वजह से भूकंप आया है।' 
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प्रधानमंत्री ने अपनी शुरुआती लाइन में ही राहुल गांधी पर चुटकी ली। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान पर व्यंग्य किया, जिसमें राहुल ने कहा था कि 'मैं बोलूंगा तो भूकंप आ जाएगा।' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'मैं सोच रहा था कि आखिर भूकंप आया ही क्यों। मोदी ने आगे भी चुटकी लेते हुए कहा कि यदि कोई स्कैम में भी सेवा का भाव ‌देखता है तो धरती मां हिल ही जाती है। मालूम हो कि राहुल ने यूपी में एक सभा में स्कैम शब्द की व्याख्या अपने अनुसार की थी। 

नरेंद्र मोदी के भूकंप वाले बयान के बाद संसद में हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी पार्टियों ने इस पर खूब हंगामा किया। कांग्रेस पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि 'उन्हें अंदाजा ही नहीं था कि जनतंत्र की ताकत क्या है। कांग्रेस का लोकतंत्र एक परिवार तक सीमित है। हर युग में इतिहास को जानने का प्रयास आवश्यक होता है। उसमें हम थे या नहीं थे। हमारे कुत्ते थे या नहीं.. औरों के हो सकते हैं। लेकिन देश के कोटि-कोटि के लोग थे। जब कांग्रेस पार्टी का जन्म भी नहीं हुआ था, तब 1857 का स्वतंत्रता संग्राम इस देश के लोगों ने लड़ा था। कोई भेद रेखा नहीं थी और तब भी कमल था आज भी कमल है।
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उन्होंने कहा कि 'सरकार बनने के बाद की व्यवस्था को हम जानते हैं। हमने जनता से अपील की थी कि जो अफोर्ड कर सकते हैं वो गैस की सब्सिडी छोड़ दें और इस देश के 1 करोड़ से ज्यादा लोग गैस सब्सिडी छोड़ने के लिए आगे आए। ये देश के सवा करोड़ लोगों की ताकत का परिचय है। 

पीएम मोदी ने कहा, 'मैं भी से आह्वान करता हूं कि देश की जनशक्ति को पहचानें। हम भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए काम करें। हर कोई चाहता है कि गांव, गरीब और किसान को कुछ मिले। मैं लाल किले पर से बोल चुका हूं कि हर प्रधानमंत्री का अपना-अपना योगदान है। एक पार्टी है जो भगत सिंह, सावरकर और आजाद का नाम नहीं लेती, लेकिन उनको लगता है कि आजादी सिर्फ एक परिवार ने दिलवाई है और इसलिए जनशक्ति को जोड़कर आगे बढ़ना है। इस सरकार ने सबको जोड़ने का प्रयास किया है।' 

'गरीबों की लड़ाई लड़ता रहूंगा'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'आजादी के इतने सालों बाद भी संसद में स्वच्छता पर एक बार भी चर्चा नहीं हुई। पहली बार इस सरकार के आने के बाद गांधी जी के सपने को पूरा करने प्रयास हमने किया।'

उन्होंने आगे कहा, 'एक चर्चा आई है कि बजट इतना पहले क्यों पेश किया गया। भारत एक कृषि प्रधान देश है और हमारे देश की एक कठिनाई है कि हम अंग्रेजों की विरासत को ढो रहे हैं। हम मई में बजट कि प्रक्रिया से बाहर निकलते हैं और बारिश का मौसम आ जाता है। तीन महीने बजट पर काम नहीं हो पाता। और ये चलता रहा... क्या कारण था कि बजट शाम को ही पेश होता रहा। वो होता ये रहा कि बजट ब्रिटेन में शाम को पेश होता है। अटल जी की सरकार आई तब समय बदला.. आप भी चाहते थे कि बजट का समय बदलना चाहिए, लेकिन कर नहीं पाए।' 

​नोटबंदी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 'हम इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। आपको लगता था कि इस समय चर्चा करने से मोदी को फायदा हो जाएगा। आप सिर्फ टीवी बाइट देते रहे। मई 2014 से पहले का वक्त देख लीजिए.. हर समय घोटाले की आवाज आती थी कि कितना गया.. अब आवाज आती हैं कि कितना आया?

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि भ्रष्टाचार कि शुरुआत नगद से होती है। दूसरा आपको मालूम है कि यही सब भ्रष्टाचार की जड़ है। 1988 में कांग्रेस ने बेनामी संपत्ति का कानून बनाया.. क्या कारण है कि उसे लागू नहीं किया। उस समय लागू किया होता, तो देश साफ सुथरा हो जाता। मैं गरीबों के लिए लड़ाई लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा। देश के पास मानव संसाधन की कमी नहीं थी, खनिज संपदा की कमी नहीं थी। ये उसी का असर है कि देश को जिस ऊंचाई पर पहुंचना था नहीं पहुंच पाया। इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि एक समांतर अर्थव्यवस्था विकसित हुई थी।' 

'अंतरपट में खोजिए.. छिपा हुआ है खोट'

PM मोदी - फोटो : ANI
प्रधानमंत्री ने पीने को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान पर तंज कसा। इसके बाद सदन में एक बार फिर हंगामा हुआ। उन्होंने कहा कि 'अर्थव्यवस्था मजबूत थी इसलिए नोटबंदी का फैसला लिया गया और अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है। हमारे देश में दीवाली के समय सबसे ज्यादा बिजनेस होता है। ये सही समय था जब नोटबंदी का फैसला लिया गया। मैं कोई भी फैसला हड़बड़ी में नहीं करता।' उन्होंने कहा कि 'एक समय था जब इनकम टैक्स अधिकारी मनमर्जी से काम करते थे। लेकिन नोटबंदी के बाद सारी चीजें लिखित है। 

प्रधानमंत्री ने कहा, 'कभी-कभी लगता है कि ये निर्णय जल्दबाजी में हुआ क्या? सरकार बनते ही हमने कालेधन पर एसआईटी बनाई। बेनामी कानून बनाया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और बताया कि उन्होंने क्या-क्या किया। मोदी ने कहा, 'कालेधन और ब्लैकमनी की बात करने वाले लोग चिट्ठियां लिखकर कहते थे कि पैनकार्ड की अनिवार्यता खत्म कर दीजिए।'

कांग्रेस पर एक बार फिर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि जिस योजना पर आप लोग गर्व करते हैं उसमें 1035 बार बदलाव किए हैं। क्या कारण था कि आपको उसमें 1035 बार परिवर्तन करना पड़ा। काका हाथरसी की कविता सुनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसे उत्तर प्रदेश चुनाव से न जोड़े। उन्होंने पढ़ा - अंतरपट में खोजिए.. छिपा हुआ है खोट.. मिल जाएगी आपको.. बिल्कुल सत्य रिपोर्ट। 
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'अब मैंने आपके मैदान में खेलना शुरू किया है'

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नियमों से चलती है लेकिन नीतियों की ताकत भी नीयत से परिभाषित होती है। हमारे देश में कार्यसंस्कृति को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमने सब राज्यों को साथ लिया। अस्पताल, पंचायत और स्कूलों में इसे देने की प्राथमिकता तय की और परिणाम ये आया कि अब तक 76 हजार गांवों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी हो गई है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल करेंसी को कम करके न आंकें। आज एक एटीएम को संभालने के लिए पांच पुलिस वाले लगते हैं। रोड बनाने का काम टोडरमल के जमाने से चल रहा है, लेकिन पिछली सरकार में प्रतिदिन 69 किमी सड़क बनती है और हमारी सरकार में 111 किमी सड़क बनती है। 

उन्होंने कहा, 'ये सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली सरकार है। 17 मंत्रालय की 84 योजनाएं आधार से जोड़कर हमने आगे बढ़ाया है। मुझे मालूम है कि इतनी बारीकी से हर गली, मोहल्ले से भ्रष्टाचार हटाऊंगा, तो मुझ पर क्या तूफान टूटेगा।' 

मोदी ने कहा कि 22 लाख 27 हजार घर एक साल में बने हैं। ऐसे में बड़े लोगों को तकलीफ हो रही है और आगे और होने वाली है। 21 हजार करोड़ एलईडी लगाने में हमने सफलता पाई। बिजली के बिल में 11 हजार करोड़ की बचत हुई है। अब कोई मिडिलमैन भ्रष्टाचार और लूट को अंजाम नहीं दे सकता। 

प्रधानमंत्री ने मनरेगा और फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब मैंने आपके मैदान में खेलना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि आप अपने इलाके के किसानों को इसका लाभ समझाएं। 

सर्जिकल स्ट्राइक पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं हैरान हूं कि नेताओं ने कैसे-कैसे बयान दिए। ये बहुत बड़ा निर्णय था। नोटबंदी पर मुझे पूछते हैं, लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक पर कोई पूछता तक नहीं है। हमारी सेना का जितना गुणगान करें कम हैं। सर्जिकल स्ट्राइक आपको चुभ रही है। आप मानकर चलिए कि ये देश और हमारी सेना इस राष्ट्र की सेवा के लिए पूरी तरह समर्थवान है।'
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