प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में 8वें रायसीना संवाद का उद्घाटन करेंगे। इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन सत्र में मौजूद रहेंगी। रायसीना संवाद में 100 से अधिक देशों के मंत्री, पूर्व प्रमुख, सैन्य कमांडर, उद्योग जगत की हस्तियां, पत्रकार, विद्वान और रणनीतिक विशेषज्ञ भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की जी-20 में अध्यक्षता के बीच इसका आयोजन उल्लेखनीय है। इसमें 2,500 से अधिक लोग भाग लेंगे। इसके अलावा डिजिटल माध्यम से यह करोड़ों लोगों तक पहुंचेगा। इसका आयोजन 2 मार्च से 4 मार्च तक होगा।
वहीं, भारत की अध्यक्षता में जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बीती रात चीनी विदेश मंत्री किन गांग, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन नई दिल्ली पहुंचे। भारत यात्रा के दौरान ब्लिंकन की विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। साथ ही रायसीना संवाद में भी भाग लेंगे। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान भी बीती रात नई दिल्ली पहुंचे और वह आज जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे।
जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक औपचारिक रूप से आज नई दिल्ली में होगी। राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित की जाने वाली इस बैठक में लगभग 40 प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की उम्मीद है। भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत आयोजित की जा रही यह दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक होगी। पहली मंत्रिस्तरीय बैठक- वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर, बेंगलुरु में आयोजित की गई थी।
भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों की ताकत पर मुहर लगाएंगे ब्लिंकन
अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन की भारत यात्रा के संबंध में व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि भारत की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान एंटनी ब्लिंकन द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का काम करेंगे। व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ब्लिंकन अमेरिका-भारत संबंध की ताकत की पुष्टि करेंगे और दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने और सहयोग का विस्तार करने तथा क्वाड व अन्य समूहों में अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त करेंगे।
ब्लिंकन के उप-प्रवक्ता वेदांत पटेल ने ब्लिंकन के नई दिल्ली पहुंचने के बाद कहा, नमस्ते, भारत! उन्होंने आगे कहा कि ब्लिंकन जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने और अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं, जो दोनों देशों के बीच लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय नियम प्रणाली के लिए प्रतिबद्धता सहित साझा मूल्यों पर आधारित है।