प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जी-20 शिखर सम्मलेन से इतर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के साथ हुई मुलाकात की। पीएम मोदी ने मुलाकात में भारतीय स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी से संबंधित गोपनीय जानकारी लीक होने का मामला उठाया। इस पनडुब्बी का निर्माण फ्रांसीसी रक्षा कंपनी डीसीएनएस के सहयोग से मुंबई में किया जा रहा है। शिखर सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन मोदी ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एरदोगन के साथ भी मुलाकात की। पीएम ने तुर्की के राष्ट्रपति के साथ भारत की परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता पर चर्चा की। इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन की नई पीएम थेरेसा मे के साथ मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘बातचीत में स्कॉर्पीन पनडुब्बी से जुड़ी गोपनीय जानकारी का मामला भी उठा।’
स्वरूप ने कहा कि तुर्की के राष्ट्रपति एरदोगन के साथ मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने 48 सदस्यों वाले एनएसजी में भारत की सदस्यता से संबंधित मुद्दे पर चर्चा की। एरदोगन के साथ यह चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तुर्की चीन समेत उन देशों में शामिल था जिन्होंने सियोल में जून में हुई एनएसजी की बैठक में भारत के सदस्यता की दावेदारी का विरोध किया था।
तुर्की ने भी भारत में असंतुष्ट मौलवी फतेहउल्लाह गुलेन के समर्थकों की मौजूदगी पर चिंता व्यक्त की थी। तुर्की ने गुलेन को देश में तख्ता पलट करने की कोशिश का मुख्य साजिशकर्ता माना था। स्वरूप ने कहा कि तुर्की साथ नागरिक उड्डयन सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।