क्रिश्चियन मिशेल, 'अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर डील का बिचौलिया', जो ईडी की हिरासत में है, का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की जुबान पर आ रहा है। लोकसभा में चर्चा के दौरान भी मिशेल का नाम है और प्रधानमंत्री मोदी के साक्षात्कार में भी मिशेल है।
मतलब साफ है कि बम फूटने वाला है। पिछली बार मिशेल की पेशी के दौरान कोर्ट में कथित तौर से 'मिसेज गांधी' का नाम सामने आया है। ईडी ने कोर्ट के सामने जो दस्तावेज रखे थे,उनमें यह शब्द लिखा हुआ था। शुक्रवार को लोकसभा में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण राफेल पर बोल रही थी।कांग्रेस पार्टी का आरोप था कि राफेल का सौदा हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड(एचएएल) की बजाए अंबानी की कंपनी को दे दिया गया।
रक्षामंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा, क्रिश्चियन मिशेल आ गया है। वह बताएगा अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टरडील का राज। रक्षामंत्री सीतारमण यहीं पर नहीं रुकी, उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमलावर होते हुए यह कह दिया कि यूपीए सरकार ने हेलीकॉप्टर का सौदा एचएएल को क्यों नहीं दिया।
अगस्ता वेस्टलैंड को वह सौदा क्यों दे दिया गया। क्या इसलिए कि इस सौदे के बदले में एचएएल से तो कुछ मिलना ही नहीं था।क्या कांग्रेस पार्टी यह बताएगीकि यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर एचएएल से क्यों नहीं बनवाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इंटरव्यू में मिशेल को बताया 'राजदार'
नववर्ष के दूसरे दिन पीएम मोदी ने एक समाचार एजेंसी को इंटरव्यू दिया था। उनसे सवाल पूछा गया था कि कांग्रेस पार्टी राफेल सौदे में आपका नाम ले रही है। इस पीएमने कहा, मेरा नाम इस सौदे में कभी नहीं लिया गया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी बाबत यह कह दिया कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे का 'राजदार' यानी
क्रिश्चियन मिशेल अब भारत आ गया है। कांग्रेस पार्टी के नेता डर रहे हैं कि राजदार तो उनकी पोल खोल देगा।इससे पहले प्रधानमंत्री ने पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में भीराजदार का नाम लिया था।
लोकसभा में अरुण जेटली ने कहा, मिशेल बताएगा अब सच्चाई क्या है
बुधवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में कहा था, अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल का बयान बहुत कुछ साफ कर देगा। पूछताछ के दौरान उसने श्रीमति गांधी का नाम क्यों लिया। मिशेल ने क्यों कहा 'सन ऑफ इटेलियन लेडी।
इससे पहले ईडी की पूछताछ में यह खुलासा हो चुका है कि मिशेल ने इटालियन डील को ब्रिटिश डील बनाने का भी प्रयास किया था। यह सौदा भारतीय कंपनियां टाटा और एचएएल के हाथ न लग सके, इसके लिए मिशेल ने एक खास मॉडस ऑपरेंडी का सहारा लिया था। मिशेल को वह मॉडस ऑपरेंडी भी तत्कालीन यूपीए सरकार के टॉप नौकरशाहों द्वारा बताई गई थी।