कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम मोदी को निशाने पर लिया। उन्होंने सहारा डायरी प्रकरण में पीएम मोदी से सफाई मांगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी और इनकम टैक्स विभाग सहारा डायरी के पन्नों को साक्ष्य मानने से इनकार कर रहे हैं। जबकि इनकम टैक्स सेटलमेंट कमीशन ने डायरी के पन्नों को जायज साक्ष्य ठहराकर जांच करने की वकालत की है।
विज्ञापन
सुरजेवाला ने कहा कि वह और उनकी पार्टी नहीं चाहती है कि प्रधानमंत्री की विश्वस्यनीयता कम हो, और उनके कार्यालय की गरिमा बरकरार न रहे, लेकिन इसके लिए पीएम को इस मामले में जांच करानी चाहिए। क्योंकि सार्वजनिक तौर पर जो साक्ष्य सामने हैं उनसे प्रतीत होता है कि पीएम मोदी ने दो कंपनियों से पैसे लिए। अगर उन्होंने पैसे नहीं लिए तो वह जांच से गुजरने का साहस क्यों नहीं दिखा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी चाहती है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो।
सुरजेवाला के मुताबिक ऐसे वक्त जब प्रधानमंत्री की साख दांव पर लगी हो तो उन्हें पीछे नहीं हटना चाहिए, जांच करा लेनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का हवाला देकर कहा कि जब वह जांच के लिए तैयार हैं तो पीएम को भी पीछे नहीं हटना चाहिए।
विज्ञापन
सहारा की गुप्त डायरी में 100 से ज्यादा नेताओं के नाम
सुप्रीम कोर्ट में जमा सहारा की डायरी में 11 पेज ऐसे हैं जिसमें रकम के लेनदेन का जिक्र है। मीडिया खबरों के मुताबिक इन 11 पेजों में पैसे लेने वालों में 100 से ज्यादा नेताओं के नाम दर्ज हैं। जिन नेताओं का इस डायरी में 18 दलों- भाजपा, कांग्रेस, राजद, सपा, राकांपा, जेएमएम, जेवीएम, टीएमसी के नेताओं के नाम शामिल हैं। इस डायरी में दो पेज हस्तलिखित भी हैं। एसआईटी के एक अधिकारी का कहना है कि फाइल में कुछ नाम नकली हो सकते हैं।
दरअसल, 2013 से 2014 के बीच आयकर विभाग ने बिड़ला और सहारा ग्रुप पर छापे मारे थे। इन छापेमारी में कई अहम फाइलें बरामद हुई थीं। मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने इन फाइलों की जांच की मांग की थी। ये फाइले अब सुप्रीम कोर्ट में जमा हैं।
हस्तलिखित पेजों में 2010 में किए गए भुगतान का जिक्र है। इस डायरी में पांच पेज ऐसे भी हैं जिसमें 2013 और 2014 के बीच प्राप्त हुए पैसे की जानकारी सारणीबद्ध की गई है। हालांकि विशेष जांच दल (एसआईटी) के अधिकारियों का कहना है कि डायरी के पन्ने और इसकी एंट्री नकली भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि साहारा के एक अधिकारी ने अपने बयान में भी कहा कि उसने यह एंट्री दूसरी कंपनियों के अधिकारियों को झांसे में लेने के लिए की थी।
सहारा की डायरी में मोदी के साथ दो मुख्यमंत्रियों और एक पूर्व CM का भी नाम
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिस सहारा डायरी का हवाला देकर नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा रहे हैं, उसमें सिर्फ प्रधानमंत्री का नाम नहीं है, बल्कि दो मौजूदा मुख्यमंत्रियों और एक पूर्व मुख्यमंत्री का भी नाम है।
दस्तावेजों के मुताबिक दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मौजूदा दो मुख्यमंत्रियों को साल 2013 में पैसे दिए गए थे। हालांकि हाथ से लिखे एक नोट को लेकर संदेह पैदा हो गया है, जिसे इनकम टैक्स अधिकारियों ने जब्त किया है। इन नोट में एक कांग्रेस नेता के साथ वर्तमान मंत्री का भी नाम है।
एक्टिविस्ट वकील ने शीर्ष कोर्ट में अपनी याचिका के साथ रीजनल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट को भी सौंपा है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दस्तावेजों पर आयकर विभाग के अधिकारी का हस्ताक्षर जाली नहीं है। भूषण का आरोप है कि कोयला घोटाला में मारे गए छापों में 'आदित्य बिड़ला ग्रुप की ओर से वर्षों से नेताओं और अधिकारियों को घुस देने का मामला उजागर हुआ।'
सहारा डायरी के सबूतों को शीला ने किया खारिज, भाजपा हुई हमलावर
जिस सहारा के सबूतों के आधार पर राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया , उस दस्तावेज को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित ने खारिज कर दिया। कांग्रेस ने जिस डायरी के पन्ने को ट्विटर पर जारी किया था, उसमें शीला दीक्षित के नाम सामने आने के बाद भाजपा राहुल गांधी पर हमलावर हो गई। भाजपा ने कहा है कि यह दोहरा मापदंड नहीं चल सकता। पार्टी ने कहा राहुल गांधी मरे हुए घोड़े पर कोड़े फटकार रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ठोस सबूतों के अभाव में पहले ही इस मामले को खारिज कर चुका है। वहीं जद यू, राजद और एनसीपी ने कहा है कि सहारा की डायरी में जिन-जिन लोगों के नाम हैं उनकी जांच होनी चाहिए। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी शीला दीक्षित ने इस आरोप को मजबूती से खारिज कर दिया है।
उन्होंने इन सबूतों को बेकार बताते हुए कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पहले ही अपना मंतव्य स्पष्ट कर दिया है। इन आरोपों में कोई दम नहीं है और मैं इन्हें पूरी तरह खारिज करती हूं।’ जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस ने एक लिस्ट को ट्विटर पर जारी किया है तो उन्होंने कहा कि वह इससे चकित हैं। शीला के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह इस मामले को पार्टी के सामने उठाएंगी। गौरतलब है कि उस लिस्ट में कई लोगों के नाम हैं।
सहारा डायरी वाली लिस्ट में अपने ही पूर्व CM के नाम को ट्वीट कर बैठी कांग्रेस
- फोटो : amar ujala
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सहारा से 40 करोड़ रुपये लेने के आरोप लगाने के एक दिन बाद पार्टी ने अनजाने में उस लिस्ट को ट्वीट किया था जिसमें उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार और दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित का भी नाम था। इस सूची के मुताबिक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते हुए शीला दीक्षित को 1 करोड़ रुपये मिले थे। इसी लिस्ट के आधार पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। कांग्रेस पार्टी ने इस लिस्ट को ट्विटर पर पोस्ट किया था।
मोदी जी, आपको मेरा जितना मजाक उड़ाना है उड़ा लो, लेकिन इन कागजों की जांच करवाओ: राहुल गाँधी pic.twitter.com/rnICMOrr4j
— INC India (@INCIndia) December 23, 2016
रिकॉर्ड के मुताबिक 29 सितंबर और 1 अक्टूबर 2013 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को इन दोनों तारीखों पर भोपाल में 5 करोड़ रुपये दिए गए। शिवराज सिंह चौहान उस समय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।