अब मुंबई में मोबाइल एप की मदद से सभी सार्वजनिक परिवहन टिकट लिए जा सकेंगे। पीएम मोदी ने आज इसके लिए मुंबई वन एप लॉन्च किया। यह देश का पहला एकीकृत कॉमन मोबिलिटी एप है। इस एप की मदद से अब यात्री मेट्रो, मोनोरेल, बसों और लोकल ट्रेनों के लिए एक ही क्यूआर-आधारित डिजिटल टिकट बुक कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मुंबई वन' (Mumbai One) मोबाइल एप भी लॉन्च किया। अब यात्री मेट्रो, मोनोरेल, बसों और लोकल ट्रेनों के लिए एक ही क्यूआर-आधारित डिजिटल टिकट बुक करने की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। अब मुंबई में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने के लिए अलग-अलग टिकट खरीदने या लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह मोबाइल एप मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) के लिए विकसित किया गया है। गुरुवार सुबह 5 बजे से यात्री इस एप को डाउनलोड कर सकेंगे। हालांकि, यात्री इस मोबाइल एप की मदद से उपनगरीय ट्रेनों के सीजन या रिटर्न टिकट बुक नहीं कर सकेंगे।
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एक ही मोबाइल एप में 11 सार्वजनिक परिवहन संचालकों की सेवाएं
बुधवार को लॉन्च हुए इस एकीकृत डिजिटल टिकटिंग प्लेटफॉर्म के बारे में बताया गया कि इस एप की मदद से 11 सार्वजनिक परिवहन संचालकों की सेवाओं को जोड़ने में मदद मिलेगी। इन सेवाओं में उपनगरीय रेलवे, मेट्रो लाइन 1, 2A, 3, और 7, नवी मुंबई मेट्रो, मोनोरेल, और बस सेवाएं जैसे बेस्ट (BEST), टीएमटी (TMT), एनएमएमटी (NMMT), केडीएमटी (KDMT) और एमबीएमटी (MBMT) शामिल हैं।
देश 'वन नेशन, वन मोबिलिटी' के दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और मेट्रो 3 के अंतिम चरण के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश 'वन नेशन, वन मोबिलिटी' के दृष्टिकोण की ओर बढ़ रहा है, और मुंबई वन एप इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब मुंबईकरों को विभिन्न परिवहन साधनों के बीच सफर करते समय किसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पर्यटन, भोजन और सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी
एमएमआरडीए ने बताया कि इस एप के लिए यूजर्स से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। सभी लागतें प्राधिकरण वहन करेगा। एप में मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में इंटरफ़ेस है। इसके अलावा 'शेयर माई लोकेशन' और आपातकालीन हेल्पलाइन जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी दी गई हैं। इसमें शहर के पर्यटन, भोजन और सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। मुंबई वन एप गूगल क्लाउड प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया गया है। इस प्रणाली पर रोजाना 50 लाख लेनदेन किए जा सकेंगे। एक साल में यूजर्स 10 लाख से बढ़कर 50 लाख तक पहुंच जाएंगे।