प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक बार फिर से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना के कारण बने हालात पर चर्चा करते हुए खास घोषणा भी की। पीएम ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को कुछ और महीनों के लिए आगे बढ़ाने का ऐलान किया। हालांकि इस दौरान उनके संबोधन में प्रवासी, किसान और पर्वों खासकर दिवाली और छठ का जिक्र अधिक था।
पीएम मोदी ने अपने करीब 16 मिनट के भाषण के दौरान दो बार बिहार के प्रमुख पर्व छठ पूजा का जिक्र किया। इसके बाद से ही उनके इस संबोधन को बिहार के चुनाव से जोड़कर भी देखा जाने लगा, क्योंकि इसी साल अक्तूबर-नवंबर में बिहार में विधानसभा चुनाव होना है और नवंबर में ही छठ पूजा का आयोजन भी बिहार में बड़े पैमाने पर होता है।
मोदी ने अपने भाषण में किसानों और प्रवासियों पर भी अधिक जोर दिया और अगर आंकड़ों को देखा जाए तो बिहार में लॉकडाउन के दौरान 30 लाख से अधिक प्रवासी अलग-अलग राज्यों से अपने गृह प्रदेश वापस लौटे हैं। ऐसे में पीएम का ये छोटा सा संबोधन काफी अहम माना जा रहा है।
पीएम ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक बढ़ाते हुए कहा कि यह मौसम वर्षा का है और इस दौरान कृषि का कार्य अधिक होता है और इसी समय में देश में अलग-अलग पर्व जैसे गुरुपूर्णिमा, सावन, 15 अगस्त, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, ओणम, नवरात्र, दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा मनाए जाते हैं।
पीएम ने कहा कि इसलिए हमने फैसला किया है कि दीपावली और छठ तक गरीबों-मजदूरों के परिवार के हर सदस्य को पांच किलो गेहूं या चावल और हर महीने एक परिवार को एक किलो चना मुफ्त दिया जाएगा।