न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की की सोमवार से शुरू हुई चार दिवसीय भारत यात्रा कई मायने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। भारत की योजना न्यूजीलैंड से आतंकवाद के खिलाफ अभियान पर ही नहीं परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह की सदस्यता मामले में भी न्यूजीलैंड का समर्थन हासिल करने की है।
बुधवार को जब दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी तो आतंकवाद और एनएसजी की सदस्यता ही बातचीत का प्रमुख मुद्दा होगा। गौरतलब है कि एनएसजी का सदस्य देश न्यूजीलैंड ने भारत की सदस्यता के सवाल पर चीन के पक्ष में है।
चीन की तरह न्यूजीलैंड का भी मानना है कि एनएसजी की सदस्यता देने का फैसला इस बात पर निर्भर होना चाहिए कि दावेदार देश ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए हैं या नहीं। गौरतलब है कि चीन इसी प्रक्रिया को कूटनीतिक हथियार बना कर एनएसजी में भारत के प्रवेश की राह में अड़ंगा डाल रहा है।